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क्रेडिट कार्ड फ्रॉड (credit card fraud): ₹9790 रिफंड

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश की गोरखपुर पुलिस ने ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी (online financial fraud) के मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित नागरिक को उसकी ठगी गई पूरी रकम वापस कराने में बड़ी सफलता प्राप्त की है।

क्रेडिट कार्ड फ्रॉड (credit card fraud) से फ्री ट्रैवल और होटल पास का झांसा देकर धोखाधड़ी
क्रेडिट कार्ड फ्रॉड (credit card fraud) ₹9790 रिफंड

जिले के थाना राजघाट और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने सतर्कता दिखाते हुए क्रेडिट कार्ड फ्रॉड (credit card fraud) का शिकार हुए एक आवेदक के खाते से उड़ाई गई ₹9,790 (नौ हजार सात सौ नब्बे रुपये) की धनराशि को सुरक्षित रोककर सफलतापूर्वक उनके बैंक खाते में रिफंड करवा दिया है। पुलिस प्रशासन द्वारा समय पर की गई इस प्रभावी तकनीकी कार्रवाई की पीड़ित सहित आम जनमानस में काफी सराहना की जा रही है।

क्रेडिट कार्ड फ्रॉड (credit card fraud) से फ्री ट्रैवल और होटल पास का झांसा देकर धोखाधड़ी

पुलिस द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह मामला आकर्षक ऑफर और फर्जी लुभावने वादों से जुड़ा हुआ है। पीड़ित आवेदक को अज्ञात साइबर अपराधियों द्वारा फोन और मैसेज के माध्यम से संपर्क किया गया था। जालसाजों ने पीड़ित को उनके आई०सी०आई०सी०आई० (ICICI) क्रेडिट कार्ड पर ‘ऑल इंडिया फ्री ट्रैवल’ (All India Free Travel) तथा अगले तीन वर्षों तक पूरे भारत में किसी भी स्थान पर मुफ्त होटल स्टे पास देने का बड़ा लालच दिया।

जालसाजों के इस झांसे में आकर पीड़ित ने अपने कार्ड से ट्रांजेक्शन की स्वीकृति दे दी। इसके तुरंत बाद, पीड़ित के क्रेडिट कार्ड से कुल ₹9,790 की रकम अनधिकृत रूप से काट ली गई। यह भुगतान ‘अनहद इनफो सोलूसन प्राइवेट लिमिटेड’ नामक मर्चेंट कंपनी के खाते में ट्रांसफर किया गया था। जब पीड़ित को एहसास हुआ कि उनके साथ फर्जीवाड़े की घटना हो चुकी है, तो उन्होंने बिना कोई समय गंवाए तत्काल स्थानीय पुलिस से मदद की गुहार लगाई।

साइबर सेल ने ऐसे रोका संदिग्ध ट्रांजैक्शन और कराया रिफंड

इस वित्तीय अपराध के सामने आते ही पीड़ित की जागरूकता और समय पर दी गई सूचना पर थाना राजघाट की पुलिस टीम तत्काल हरकत में आई। पुलिस अधीक्षक नगर के निर्देशन, पुलिस अधीक्षक अपराध के मार्गदर्शन, क्षेत्राधिकारी कोतवाली के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक राजघाट के नेतृत्व में त्वरित विधिक कदम उठाए गए।

थाना राजघाट की साइबर हेल्पडेस्क टीम ने अविलंब राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP Portal) पर आधिकारिक शिकायत दर्ज की। इसके पश्चात, साइबर नोडल अधिकारी उप-निरीक्षक (उ.नि.) वैभव विश्वकर्मा ने अनहद इनफो सोलूसन प्राइवेट लिमिटेड के नोडल अधिकारी से संपर्क साधा और नोडल समन्वय स्थापित किया।

साइबर टीम ने मर्चेंट को सूचित कर उक्त संदिग्ध लेन-देन को गेटवे स्तर पर ही होल्ड करवा दिया। आवश्यक पत्राचार और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद साइबर टीम ने पीड़ित आवेदक की पूरी ₹9,790 की राशि उनके क्रेडिट कार्ड में सफलतापूर्वक रिफंड करवा दी।

क्रेडिट कार्ड फ्रॉड होने पर तुरंत पैसे वापस कैसे पाएं? (People Also Search For)

इंटरनेट पर लोग अक्सर यह सर्च करते हैं कि यदि किसी के साथ क्रेडिट कार्ड फ्रॉड (credit card fraud) या कोई अन्य ऑनलाइन ठगी हो जाए, तो पैसा वापस पाने के लिए क्या कदम उठाने चाहिए। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों और पुलिस अधिकारियों के अनुसार:

  • गोल्डन आवर (Golden Hour) का लाभ उठाएं: ऑनलाइन वित्तीय ठगी होने के तुरंत बाद का पहला घंटा ‘गोल्डन आवर’ कहलाता है। यदि पीड़ित शुरुआती 1 से 2 घंटे के भीतर शिकायत दर्ज करा देता है, तो जालसाजों के बैंक खाते या मर्चेंट गेटवे को फ्रीज करके पैसा वापस मिलने की संभावना 90% तक बढ़ जाती है।
  • हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें: किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर नागरिक तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
  • NCRP पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत: नागरिक आधिकारिक वेबसाइट cybercrime.gov.in पर जाकर भी अपनी लिखित शिकायत और ट्रांजेक्शन डिटेल्स दर्ज कर सकते हैं।
  • बैंक को तुरंत सूचित करें: जिस बैंक का क्रेडिट या डेबिट कार्ड इस्तेमाल हुआ है, उस बैंक के कस्टमर केयर पर कॉल करके कार्ड को तुरंत ब्लॉक कराएं और अनधिकृत ट्रांजेक्शन की रिपोर्ट (Chargeback Claim) दर्ज कराएं।

फेक ट्रैवल ऑफर्स और क्रेडिट कार्ड फ्रॉड से कैसे बचें? (People Also Search For)

अक्सर लोग यह भी खोजते हैं कि इस तरह की फर्जी ट्रैवल योजनाओं और होटल पास स्कैम से खुद को कैसे सुरक्षित रखें। साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, निम्नलिखित सावधानियां बरतनी चाहिए:

  • अज्ञात कॉल्स पर भरोसा न करें: कोई भी बैंक या नामी ट्रैवल कंपनी फोन पर मुफ़्त होटल पास या ऑल इंडिया फ्री ट्रैवल जैसे लुभावने ऑफर्स नहीं देती।
  • कार्ड क्रेडेंशियल्स शेयर न करें: अपने क्रेडिट कार्ड का नंबर, सीवीवी (CVV), एक्सपायरी डेट और मोबाइल पर आया ओटीपी (OTP) किसी भी अनजान व्यक्ति से साझा न करें।
  • अज्ञात लिंक्स पर क्लिक न करें: व्हाट्सएप या एसएमएस पर आए किसी भी अनजान पेमेंट लिंक पर क्लिक करने से बचें।
सफलता दिलाने वाली पुलिस और साइबर टीम

पीड़ित नागरिक के पूरे पैसे सुरक्षित रिफंड कराने में राजघाट थाने की साइबर टीम की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में निम्नलिखित पुलिसकर्मी शामिल रहे:

  • उ.नि. गौरव वर्मा (थानाध्यक्ष, थाना राजघाट, गोरखपुर)
  • उ.नि. वैभव विश्वकर्मा (साइबर नोडल अधिकारी, थाना राजघाट)
  • महिला उ.नि. निशी श्रीवास्तव (थाना राजघाट)
  • महिला कांस्टेबल संगीता सिंह (थाना राजघाट)
  • रिक्रूट कांस्टेबल अरविंद कुमार (थाना राजघाट)

गोरखपुर पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के ऑनलाइन प्रलोभन में न आएं और सतर्क रहें। यदि किसी कारणवश कोई साइबर अपराध का शिकार होता है, तो बिना देरी किए अपने नजदीकी थाने के साइबर हेल्पडेस्क या 1930 नंबर पर संपर्क करें।

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Navneet Mishra

Navneet Mishra is a seasoned journalist currently associated with Nirbhik India and its digital portal, nirbhikindia.in. With over six years of experience across print and digital platforms, Navneet specializes in politics, sports, economics, and geopolitics.
A Master’s graduate in Mass Communication from Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University, he is also a dedicated media scholar. His academic research focuses on “the pivotal role of Gorakhpur’s Hindi newspapers during the Indian freedom struggle against the British Crown”. Before joining Nirbhik India, Navneet spent five years at Adarsh Jeevan and gained valuable field experience at Amar Ujala Gorakhpur as training reporter only for 5 days.
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नवनीत मिश्रा वर्तमान में ‘निर्भीक इंडिया’ मीडिया समूह से जुड़े हैं। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। पत्रकारिता के अपने 6 वर्षों के सफर में उन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों डेस्क पर काम किया है। उनके शोध का विषय ब्रिटिश शासन के खिलाफ गोरखपुर के अखबारों का योगदान रहा है, जो उनकी ऐतिहासिक समझ को दर्शाता है। वे राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मामलों (Geopolitics) पर निरंतर लिखते रहे हैं। ‘आदर्श जीवन’ दैनिक में 5 साल का कार्यकाल और ‘अमर उजाला’ गोरखपुर में ट्रेनिंग रिपोर्टिंग के तौर पर मात्र 5 दिन काम क्या है उनकी लेखनी को और भी निखारता है।

Navneet Mishra

Navneet Mishra is a seasoned journalist currently associated with Nirbhik India and its digital portal, nirbhikindia.in. With over six years of experience across print and digital platforms, Navneet specializes in politics, sports, economics, and geopolitics. A Master’s graduate in Mass Communication from Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University, he is also a dedicated media scholar. His academic research focuses on "the pivotal role of Gorakhpur’s Hindi newspapers during the Indian freedom struggle against the British Crown". Before joining Nirbhik India, Navneet spent five years at Adarsh Jeevan and gained valuable field experience at Amar Ujala Gorakhpur as training reporter only for 5 days. ---------------------------------------------------------------------------------- नवनीत मिश्रा वर्तमान में 'निर्भीक इंडिया' मीडिया समूह से जुड़े हैं। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। पत्रकारिता के अपने 6 वर्षों के सफर में उन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों डेस्क पर काम किया है। उनके शोध का विषय ब्रिटिश शासन के खिलाफ गोरखपुर के अखबारों का योगदान रहा है, जो उनकी ऐतिहासिक समझ को दर्शाता है। वे राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मामलों (Geopolitics) पर निरंतर लिखते रहे हैं। 'आदर्श जीवन' दैनिक में 5 साल का कार्यकाल और 'अमर उजाला' गोरखपुर में ट्रेनिंग रिपोर्टिंग के तौर पर मात्र 5 दिन काम क्या है उनकी लेखनी को और भी निखारता है।

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