फर्जी वीजा (fake visa) देकर ठगी : Gorakhpur Crime
गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जनपद में रोजगार और विदेश भेजने के नाम पर मासूम बेरोजगारों से धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। शाहपुर थाना पुलिस ने लीबिया और जॉर्डन में आकर्षक नौकरी दिलाने का झांसा देकर फर्जी वीजा (fake visa) और जाली हवाई टिकट थमाने वाले एक शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। इस जालसाज ने वादी से दो लाख रुपये से अधिक की भारी ठगी की और जब पीड़ित ने अपने खून-पसीने की कमाई वापस मांगी, तो उसके साथ गंभीर रूप से मारपीट की गई।

विदेश में नौकरी और फर्जी वीजा (fake visa) का खेल
शाहपुर पुलिस द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी और स्थानीय थाने में दर्ज प्राथमिकी (FIR) के अनुसार, यह पूरा मामला रोजगार के नाम पर सुनियोजित धोखाधड़ी (कबूतरबाजी) से जुड़ा हुआ है। वादी मुकदमा को आरोपी द्वारा लीबिया (Libya) और जॉर्डन (Jordan) जैसे देशों में अच्छी पगार वाली नौकरी दिलवाने का बड़ा प्रलोभन दिया गया था।
इस सुनियोजित आपराधिक साजिश के तहत अभियुक्त ने कूट रचित दस्तावेजों (Forged Documents) का सहारा लेते हुए पूरी तरह से जाली और फर्जी वीजा (fake visa) तथा हवाई टिकट तैयार किया और वादी को सौंप दिया। इस पूरी प्रक्रिया और विदेश भेजने की एवज में आरोपी ने वादी से कुल 2,21,500 (दो लाख इक्कीस हजार पांच सौ) रुपये की नकदी ऐंठ ली। जब पीड़ित को दस्तावेजों के जाली होने का असल पता चला और उसने अपना पैसा वापस मांगा, तो आरोपी अचानक उग्र हो गया। उसने वादी को भद्दी गालियां दीं, उसके साथ बुरी तरह मारपीट की और जान से मारने की गंभीर धमकी भी दी।
शाहपुर पुलिस की दबिश और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी
पीड़ित की लिखित तहरीर के आधार पर शाहपुर थाने में तत्काल सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया। क्षेत्र में अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस अधीक्षक के सख्त निर्देश पर, थानाध्यक्ष शाहपुर के कुशल नेतृत्व में उप-निरीक्षक (उ.नि.) गौरव राय और उनकी मुस्तैद पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी।
सटीक मुखबिर की सूचना और जमीनी घेराबंदी की मदद से पुलिस टीम ने फर्जी वीजा (fake visa) बनाने और ठगी करने वाले इस मुख्य अभियुक्त को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पकड़े गए अभियुक्त का नाम धनंजय सिंह (पुत्र सतदेव सिंह) है। वह मूल रूप से ग्राम हरनाथपुर ताड़ी बाजार, थाना अंदर, जनपद सिवान (बिहार) का स्थायी निवासी है। वर्तमान में वह रोहिणी सेक्टर-05/12, हाउस नं. 13, मंगोलपुरी एन ब्लॉक, उत्तर पश्चिमी दिल्ली (Delhi) में रहकर इस तरह के धोखाधड़ी के काले कारनामों को अंजाम दे रहा था।
ठगी के मामलों में बीएनएस की धाराएं (People Also Search For)
इंटरनेट पर अक्सर बेरोजगार युवा खोजते हैं कि विदेश भेजने के नाम पर ठगी और जाली या फर्जी वीजा (fake visa) बनाने वालों पर किस नए कानून के तहत सख्त कार्रवाई होती है। इस गंभीर प्रकरण में गोरखपुर पुलिस ने नए भारतीय न्याय संहिता यानी बीएनएस (BNS) की सख्त धाराओं का इस्तेमाल किया है।
आरोपी धनंजय सिंह के खिलाफ स्थानीय थाने में मु.अ.सं. 72/2026 के अंतर्गत धारा 318(4) (छल और बेईमानी से संपत्ति प्राप्त करना), 338 (दस्तावेजों की जालसाजी), 336(3) (कूटरचना), 340(2) (फर्जी दस्तावेज को असली के रूप में इस्तेमाल करना), 115(2) (जानबूझकर गंभीर चोट पहुंचाना), 352 (शांति भंग करने के इरादे से अपमान), और 351(3) (आपराधिक धमकी) बीएनएस (BNS) के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।
शाहपुर पुलिस टीम वर्तमान में इस शातिर अभियुक्त से सघन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने अपने जाली नेटवर्क से कितने और बेरोजगार युवाओं को शिकार बनाया है। आरोपी के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्यवाही पूरी कर उसे सक्षम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। गोरखपुर पुलिस ने आम जनता से यह निरंतर अपील की है कि विदेश जाने के लिए केवल पंजीकृत और अधिकृत एजेंटों (Registered Agents) पर ही भरोसा करें।

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Navneet Mishra is a seasoned journalist currently associated with Nirbhik India and its digital portal, nirbhikindia.in. With over six years of experience across print and digital platforms, Navneet specializes in politics, sports, economics, and geopolitics.
A Master’s graduate in Mass Communication from Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University, he is also a dedicated media scholar. His academic research focuses on “the pivotal role of Gorakhpur’s Hindi newspapers during the Indian freedom struggle against the British Crown”. Before joining Nirbhik India, Navneet spent five years at Adarsh Jeevan and gained valuable field experience at Amar Ujala Gorakhpur as training reporter only for 5 days.
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नवनीत मिश्रा वर्तमान में ‘निर्भीक इंडिया’ मीडिया समूह से जुड़े हैं। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। पत्रकारिता के अपने 6 वर्षों के सफर में उन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों डेस्क पर काम किया है। उनके शोध का विषय ब्रिटिश शासन के खिलाफ गोरखपुर के अखबारों का योगदान रहा है, जो उनकी ऐतिहासिक समझ को दर्शाता है। वे राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मामलों (Geopolitics) पर निरंतर लिखते रहे हैं। ‘आदर्श जीवन’ दैनिक में 5 साल का कार्यकाल और ‘अमर उजाला’ गोरखपुर में ट्रेनिंग रिपोर्टिंग के तौर पर मात्र 5 दिन काम क्या है उनकी लेखनी को और भी निखारता है।

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