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Gorakhpur Crime News : फर्जी नंबर प्लेट गैंग अरेस्ट

गोरखपुर: महानगर में ट्रांसपोर्ट और माल ढुलाई के नाम पर ‘धर्म कांटा’ (Weighbridge) पर धांधली कर व्यापारियों को लाखों का चूना लगाने वाले एक बेहद शातिर गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। गोरखपुर क्राइम न्यूज़ Gorakhpur Crime News से जुड़ी इस बड़ी वारदात का खुलासा करते हुए चिलुआताल थाना पुलिस ने दो ऐसे शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जो एक ही नंबर प्लेट की दो अलग-अलग डीसीएम (DCM) ट्रकों का इस्तेमाल करके बड़े पैमाने पर माल चोरी करते थे।

एक ही नंबर प्लेट और 'धर्म कांटा' का खेल: गोरखपुर क्राइम न्यूज़ Gorakhpur Crime News
Gorakhpur Crime News फर्जी नंबर प्लेट गैंग अरेस्ट

पुलिस ने आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त दोनों ट्रक और 4 अन्य फर्जी नंबर प्लेट बरामद किए हैं। यह सख्त कार्रवाई क्षेत्राधिकारी कैम्पियरगंज के पर्यवेक्षण और थानाध्यक्ष चिलुआताल के कुशल नेतृत्व में की गई है, जिससे स्थानीय व्यापारियों ने बड़ी राहत की सांस ली है।

एक ही नंबर प्लेट और ‘धर्म कांटा’ का खेल: गोरखपुर क्राइम न्यूज़ Gorakhpur Crime News

अक्सर पुलिस और व्यापारी फर्जी नंबर प्लेट के मामलों को हल्के में लेते हैं, लेकिन इस गोरखपुर क्राइम न्यूज़ Gorakhpur Crime News में अपराध का तरीका (Modus Operandi) इतना शातिर था कि कोई भी आसानी से धोखा खा जाए।

पुलिस तफ्तीश और दर्ज एफआईआर के अनुसार, यह गिरोह योजनाबद्ध तरीके से काम करता था। ये शातिर अपने साथियों के साथ मिलकर एक ही नंबर प्लेट की दो डीसीएम ट्रकों का इस्तेमाल करते थे।

  • धांधली का तरीका: गिरोह का एक डीसीएम ट्रक गोदाम से माल लोड करता था। वहीं, उसी नंबर प्लेट की दूसरी डीसीएम ट्रक (जिसकी बॉडी में लोहे की भारी चादरें वेल्ड की गई होती थीं) ‘धर्म कांटा’ (Weighbridge) पर वजन कराने पहुंच जाती थी।
  • लोहे की चादरों के कारण खाली ट्रक का वजन भी लदे हुए माल के बराबर या उसके आस-पास आ जाता था। इस वजन की हेराफेरी (Weight Manipulation) का फायदा उठाकर ये शातिर रास्ते से ही असली माल का एक बड़ा हिस्सा गायब कर देते थे और उसे बाजार में ब्लैक में बेचकर मोटा मुनाफा कमाते थे।

Gorakhpur Crime News : सिद्धार्थनगर के रहने वाले हैं दोनों शातिर अभियुक्त

चिलुआताल पुलिस के उप-निरीक्षक (उ.नि.) ज्ञान चन्द्र पटेल और उनकी पुलिस टीम ने सघन चेकिंग के दौरान इस गिरोह के जिन दो मुख्य आरोपियों को दबोचा है, वे दोनों पड़ोसी जनपद सिद्धार्थनगर के निवासी हैं:

  • मोहम्मद इजराईल (पुत्र लैस मोहम्मद) – निवासी ग्राम बढ़नी, पोस्ट कठैतियाआलम, थाना डुमरियागंज, सिद्धार्थनगर।
  • अब्दुल सउद (पुत्र अब्दुल समद) – निवासी सादुल्लापुर, पोस्ट कुशमी, थाना डुमरियागंज, सिद्धार्थनगर।

गोरखपुर क्राइम न्यूज़ Gorakhpur Crime News में बरामदगी और BNS की धाराएं

गिरफ्तार किए गए दोनों शातिरों की निशानदेही पर पुलिस ने एक ही नंबर प्लेट लगी 02 डीसीएम ट्रकें और 04 अन्य फर्जी नंबर प्लेट बरामद किए हैं।

इस गंभीर जालसाजी और धोखाधड़ी के मामले में चिलुआताल पुलिस ने थाना स्थानीय पर मु.अ.सं. 781/2026 दर्ज किया है। आरोपियों के खिलाफ नए आपराधिक कानून ‘भारतीय न्याय संहिता’ (BNS) की सख्त धाराओं— 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2), 341(2), और 61(2) बीएनएस के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। पुलिस अब इनके अन्य फरार साथियों और खरीदारों (जो चोरी का माल खरीदते थे) की भी तलाश कर रही है।

गिरफ्तारी सुनिश्चित करने वाली पुलिस टीम

व्यापारियों के साथ हो रही इस सुनियोजित लूट का पर्दाफाश करने में चिलुआताल पुलिस टीम की भूमिका बेहद सराहनीय रही। इस टीम में निम्न अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे:

  • उप-निरीक्षक (उ.नि.): ज्ञान चन्द्र पटेल, रविराजन कुमार, आलोक कुमार चौबे
  • कांस्टेबल (का.): मनोज कुमार-1, निशान्त जायसवाल, रोहित कुमार यादव, दीपक चौहान, आफताब शेख, अभय यादव, व्यास यादव

ट्रकों में फर्जी नंबर प्लेट की सजा क्या है?

इंटरनेट पर लोग अक्सर सर्च करते हैं कि व्यावसायिक वाहनों (Commercial Vehicles) में फर्जी नंबर प्लेट लगाकर धोखाधड़ी करने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत क्या कानूनी प्रावधान हैं।

इस ताज़ा गोरखपुर क्राइम न्यूज़ Gorakhpur Crime News के परिप्रेक्ष्य में, BNS की धारा 318 और 319 (धोखाधड़ी और बेईमानी से संपत्ति परिदत्त करने के लिए प्रेरित करना) तथा धारा 336/338 (कूटरचना और फर्जी दस्तावेज/नंबर प्लेट का असली के रूप में इस्तेमाल) के तहत सख्त सजा का प्रावधान है।

इसमें आरोपियों को 7 साल तक के कठोर कारावास और भारी जुर्माने की सजा हो सकती है। ट्रांसपोर्ट व्यवसाय में ऐसी धांधली न केवल आर्थिक अपराध है, बल्कि यह पूरे स्थानीय व्यापारिक इकोसिस्टम (Hyper-local Trade Ecosystem) के भरोसे को तोड़ती है। पुलिस दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश कर अग्रिम विधिक कार्रवाई पूरी कर रही है।

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Navneet Mishra

Navneet Mishra is a seasoned journalist currently associated with Nirbhik India and its digital portal, nirbhikindia.in. With over six years of experience across print and digital platforms, Navneet specializes in politics, sports, economics, and geopolitics.
A Master’s graduate in Mass Communication from Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University, he is also a dedicated media scholar. His academic research focuses on “the pivotal role of Gorakhpur’s Hindi newspapers during the Indian freedom struggle against the British Crown”. Before joining Nirbhik India, Navneet spent five years at Adarsh Jeevan and gained valuable field experience at Amar Ujala Gorakhpur as training reporter only for 5 days.
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नवनीत मिश्रा वर्तमान में ‘निर्भीक इंडिया’ मीडिया समूह से जुड़े हैं। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। पत्रकारिता के अपने 6 वर्षों के सफर में उन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों डेस्क पर काम किया है। उनके शोध का विषय ब्रिटिश शासन के खिलाफ गोरखपुर के अखबारों का योगदान रहा है, जो उनकी ऐतिहासिक समझ को दर्शाता है। वे राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मामलों (Geopolitics) पर निरंतर लिखते रहे हैं। ‘आदर्श जीवन’ दैनिक में 5 साल का कार्यकाल और ‘अमर उजाला’ गोरखपुर में ट्रेनिंग रिपोर्टिंग के तौर पर मात्र 5 दिन काम क्या है उनकी लेखनी को और भी निखारता है।

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Navneet Mishra is a seasoned journalist currently associated with Nirbhik India and its digital portal, nirbhikindia.in. With over six years of experience across print and digital platforms, Navneet specializes in politics, sports, economics, and geopolitics. A Master’s graduate in Mass Communication from Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University, he is also a dedicated media scholar. His academic research focuses on "the pivotal role of Gorakhpur’s Hindi newspapers during the Indian freedom struggle against the British Crown". Before joining Nirbhik India, Navneet spent five years at Adarsh Jeevan and gained valuable field experience at Amar Ujala Gorakhpur as training reporter only for 5 days. ---------------------------------------------------------------------------------- नवनीत मिश्रा वर्तमान में 'निर्भीक इंडिया' मीडिया समूह से जुड़े हैं। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। पत्रकारिता के अपने 6 वर्षों के सफर में उन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों डेस्क पर काम किया है। उनके शोध का विषय ब्रिटिश शासन के खिलाफ गोरखपुर के अखबारों का योगदान रहा है, जो उनकी ऐतिहासिक समझ को दर्शाता है। वे राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मामलों (Geopolitics) पर निरंतर लिखते रहे हैं। 'आदर्श जीवन' दैनिक में 5 साल का कार्यकाल और 'अमर उजाला' गोरखपुर में ट्रेनिंग रिपोर्टिंग के तौर पर मात्र 5 दिन काम क्या है उनकी लेखनी को और भी निखारता है।

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