गोरखपुर डीजे न्यूज़ (Gorakhpur DJ News): 12 संचालकों पर FIR!
गोरखपुर: महानगर में आगामी त्यौहारों और अन्य मांगलिक अवसरों पर ध्वनि प्रदूषण और हुड़दंग पर पूरी तरह से नकेल कसने के लिए पुलिस प्रशासन अब ‘एक्शन मोड’ में आ गया है। इसी कड़े अभियान के क्रम में एक बड़ी गोरखपुर डीजे न्यूज़ (Gorakhpur DJ News) सामने आई है, जहां चिलुआताल और राजघाट थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई करते हुए 12 डीजे (DJ) संचालकों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की है।

इन सभी पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) और मानवाधिकार आयोग की गाइडलाइन का खुल्लम-खुल्ला उल्लंघन करते हुए, मानक से अधिक तेज आवाज और भारी बेस (Bass) बांधकर उतावलेपन से डीजे संचालित करने का गंभीर आरोप है।
चिलुआताल में 9 डीजे संचालकों पर केस: गोरखपुर डीजे न्यूज़ (Gorakhpur DJ News)
पुलिस अधीक्षक उत्तरी के कुशल मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी कैम्पियरगंज के पर्यवेक्षण में चिलुआताल थाना पुलिस ने अपने क्षेत्र में ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ सघन जांच अभियान चलाया। पुलिस टीम ने पाया कि कई डीजे संचालक नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
इस बहुचर्चित गोरखपुर डीजे न्यूज़ (Gorakhpur DJ News) की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, चिलुआताल पुलिस ने कुल 9 डीजे संचालकों पर मुकदमा अपराध संख्या 780/2026 के अंतर्गत नए कानून ‘भारतीय न्याय संहिता’ (BNS) की धारा 125, 223, 292, 280 और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम (Environment Protection Act) की धारा 15 के तहत केस दर्ज किया है।
कार्रवाई की जद में आए चिलुआताल क्षेत्र के डीजे संचालकों की सूची निम्नवत है:
- संचालक अजीज डीजे (फर्टिलाइजर)
- संचालक हबीब डीजे (फर्टिलाइजर)
- संचालक लक्की डीजे (डोहरिया)
- संचालक लाला डीजे (सिक्टौर)
- संचालक सर्वेश डीजे (विशुनपुर मरवाडी कोठी)
- संचालक संजय डीजे (नवापार चौराहा)
- संचालक अमन डीजे (घोसीपुरा)
- संचालक एस.एस. डीजे (मोहरीपुर)
- संचालक विक्की डीजे (मोहरीपुर)
गोरखपुर डीजे न्यूज़ (Gorakhpur DJ News) : राजघाट पुलिस का भी कड़ा प्रहार
चिलुआताल के साथ-साथ शहर के राजघाट थाना क्षेत्र में भी तेज ध्वनि से डीजे बजाने वालों पर पुलिस का चाबुक चला है। पुलिस अधीक्षक नगर के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी कोतवाली के पर्यवेक्षण में राजघाट थानाध्यक्ष के नेतृत्व वाली पुलिस टीम ने 3 शातिर डीजे संचालकों के खिलाफ अलग-अलग एफआईआर (FIR) दर्ज की है।
- रजनीश (निवासी नौसढ़ चौराहा, थाना गीडा): मु.अ.सं. 178/2026
- कुलदीप डीजे (निवासी पुरानी चुंगी, थाना राजघाट): मु.अ.सं. 179/2026
- उत्तम कसेरा (निवासी अलहादपुर, थाना राजघाट): मु.अ.सं. 180/2026
इन तीनों आरोपियों पर भी बीएनएस (BNS) की धारा 125, 292, 280 और 15 पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
गोरखपुर डीजे न्यूज़ (Gorakhpur DJ News) : क्या हैं डीजे बजाने के नियम?
गूगल पर लोग अक्सर सर्च करते हैं कि उत्तर प्रदेश में डीजे बजाने के नियम क्या हैं (DJ Ban in UP) और मानक से अधिक आवाज होने पर पुलिस किन धाराओं में कार्रवाई करती है। इस ताज़ा गोरखपुर डीजे न्यूज़ (Gorakhpur DJ News) से स्पष्ट है कि प्रशासन अब इस मुद्दे पर ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति अपना रहा है।
- बीएनएस की धाराएं: इस कार्रवाई में पुलिस ने धारा 125 (दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाले कार्य), 280 (सार्वजनिक मार्ग या जलमार्ग में उतावलेपन से कार्य करना), और 292 (सार्वजनिक उपद्रव) का सख्त प्रयोग किया है।
- पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986: ध्वनि प्रदूषण (Noise Pollution) के निर्धारित डेसिबल (Decibel) मानकों को पार करने पर धारा 15 के तहत सख्त सजा का प्रावधान है। इसमें आर्थिक जुर्माना (Penalty) और कारावास, दोनों शामिल हैं।
त्यौहारों के इस सीजन में गोरखपुर पुलिस की यह सख्त और त्वरित कार्रवाई शहर के सभी डीजे संचालकों और आम जनता के लिए एक कड़ा संदेश है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग केवल निर्धारित डेसिबल मानकों के भीतर ही किया जा सकता है, अन्यथा डीजे सीज करने के साथ-साथ जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है। वर्तमान में सभी 12 आरोपियों के खिलाफ पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्यवाही (Legal Action) की जा रही है।

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Navneet Mishra is a seasoned journalist currently associated with Nirbhik India and its digital portal, nirbhikindia.in. With over six years of experience across print and digital platforms, Navneet specializes in politics, sports, economics, and geopolitics.
A Master’s graduate in Mass Communication from Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University, he is also a dedicated media scholar. His academic research focuses on “the pivotal role of Gorakhpur’s Hindi newspapers during the Indian freedom struggle against the British Crown”. Before joining Nirbhik India, Navneet spent five years at Adarsh Jeevan and gained valuable field experience at Amar Ujala Gorakhpur as training reporter only for 5 days.
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नवनीत मिश्रा वर्तमान में ‘निर्भीक इंडिया’ मीडिया समूह से जुड़े हैं। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। पत्रकारिता के अपने 6 वर्षों के सफर में उन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों डेस्क पर काम किया है। उनके शोध का विषय ब्रिटिश शासन के खिलाफ गोरखपुर के अखबारों का योगदान रहा है, जो उनकी ऐतिहासिक समझ को दर्शाता है। वे राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मामलों (Geopolitics) पर निरंतर लिखते रहे हैं। ‘आदर्श जीवन’ दैनिक में 5 साल का कार्यकाल और ‘अमर उजाला’ गोरखपुर में ट्रेनिंग रिपोर्टिंग के तौर पर मात्र 5 दिन काम क्या है उनकी लेखनी को और भी निखारता है।

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