Gorakhpur Fraud Gang बेनकाब: निर्भीक इंडिया
गोरखपुर: गोरखपुर ठगी गिरोह (Gorakhpur Fraud Gang) के एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स ने दिल्ली के तीन शातिर जालसाजों को गिरफ्तार किया है। खुद को लखनऊ की प्रतिष्ठित ट्रेडिंग कंपनी का मालिक बताकर खजनी के एक स्थानीय सप्लायर से 33 लाख 28 हजार 315 रुपये की निर्माण सामग्री हड़प ली गई थी।

निर्भीक इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इस गोरखपुर ठगी गिरोह (Gorakhpur Fraud Gang) के सदस्यों ने फर्जी पहचान और हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मदद से पूर्वांचल में धोखाधड़ी का संगठित जाल फैला रखा था।
Gorakhpur Fraud Gang की खजनी में 33 लाख की धोखाधड़ी
वारदात की शुरुआत खजनी थाना क्षेत्र के ग्राम छपिया निवासी विष्णुपाल सिंह की शिकायत से हुई। 9 जनवरी को पीड़ित के मोबाइल पर फोन आया, जिसमें कॉलर ने खुद को लखनऊ स्थित ‘जेबी ट्रेडिंग कंपनी’ का मालिक ‘विजय गोयल’ बताया। इस गोरखपुर ठगी गिरोह के सदस्यों ने दावा किया कि गोरखपुर, कुशीनगर और जौनपुर में उनके बड़े कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं, जिसके लिए भारी तादाद में गिट्टी-मोरंग सप्लाई (Gitti Morang Supply) की तत्काल आवश्यकता है।
सप्लायर को एक सप्ताह के भीतर पूरे भुगतान का भरोसा दिया गया। पीड़ित ने विश्वास में आकर 13 जनवरी से 27 जनवरी के बीच बताए गए तीनों जिलों के डंपिंग यार्डों में कुल 33,28,315 रुपये की निर्माण सामग्री अनलोड करवा दी। माल उतरते ही शातिरों ने अपने सभी नंबर बंद कर लिए। निर्भीक इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़ित की तहरीर पर खजनी पुलिस (Khajani Police) ने मु0अ0सं0 151/2025 धारा 3(5), 61(2), 318(4), 336(3), 338, 339 और 340(2) भा0न्या0सं0 के तहत केस दर्ज किया।
Gorakhpur Fraud Gang के 3 शातिर दिल्ली से गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्राधिकारी खजनी के पर्यवेक्षण और प्रभारी निरीक्षक खजनी के नेतृत्व में उप-निरीक्षक आशीष यादव और एसटीएफ फील्ड इकाई गोरखपुर (STF Field Unit Gorakhpur) ने संयुक्त अभियान शुरू किया। सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस टीम ने दिल्ली में दबिश देकर दिल्ली का अंतरराज्यीय गिरोह (Interstate Delhi Gang) संचालित कर रहे तीनों अभियुक्तों को धर दबोचा:
- योगेश डांगर पुत्र रवीन्द्र डांगर (निवासी: डी-36, प्रथम तल, विजय विहार फेज-2, सेक्टर-4, रोहिणी, रिठाला, नॉर्थ वेस्ट दिल्ली)
- हिमांशु पुत्र प्रवीण कुमार (निवासी: बख्तावरपुर, थाना अलीपुर, नॉर्थ वेस्ट दिल्ली)
- विकास पुत्र रमेश (निवासी: सेक्टर-31, रोहिणी, थाना शाहबाद डेयरी, नॉर्थ वेस्ट दिल्ली)
यह गोरखपुर ठगी गिरोह (Gorakhpur Fraud Gang) लंबे समय से फर्जी पहचान पत्रों के सहारे देश के अलग-अलग राज्यों में व्यापारियों को निशाना बना रहा था।
Gang का हाई-टेक नंबर प्लेट कर्टेन डिवाइस
निर्भीक इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इस गोरखपुर ठगी गिरोह की कार्यप्रणाली बेहद चौंकाने वाली है। अभियुक्तों की सफेद मारुति स्विफ्ट कार से एक विशेष इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद हुई, जो डैशबोर्ड के बटन से नंबर प्लेट के आगे काला पर्दा खींच देती है। Gorakhpur Fraud Gang के सदस्य इसका इस्तेमाल हाईवे, टोल प्लाजा और पुलिस चेकिंग कैमरों से बचने के लिए करते थे ताकि उनकी गाड़ी का असली नंबर ट्रेस न हो सके।
बरामदगी का विवरण:
- नकदी व वाहन: 50,000 रुपये नकद (500 के 100 नोट) और 1 सफेद मारुति स्विफ्ट कार।
- गैजेट्स: 4 एंड्रॉइड मोबाइल, 3 कीपैड फोन, 1 नंबर प्लेट हाइडिंग इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस।
- दस्तावेज: 2 कूटरचित आधार कार्ड, योगेश डांगर का ड्राइविंग लाइसेंस व पैन कार्ड, 2 डेबिट कार्ड, 1 चेकबुक (जम्मू एंड कश्मीर बैंक), 2 जियो व 1 एयरटेल सिम लिफाफा।
- सिंडिकेट डायरियां: 3 पॉकेट डायरी व 1 नोटबुक, जिनमें विभिन्न राज्यों के दर्जनों ट्रकों के नंबर, फर्मों और सप्लायरों के मोबाइल नंबर दर्ज हैं।
अंतरराज्यीय डायरियों का नेटवर्क
निर्भीक इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, गोरखपुर और आसपास के जिलों में चल रहे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के कारण निर्माण सामग्री की मांग बहुत अधिक है। इसी का फायदा उठाकर यह दिल्ली का अंतरराज्यीय गिरोह (Interstate Delhi Gang) स्थानीय व्यापारियों को बड़े ऑर्डर का लालच देकर फंसाता था।
Gorakhpur Fraud Gang से बरामद डायरियों में उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली और हरियाणा के दर्जनों ट्रांसपोर्टरों व सप्लायरों के नंबर मिले हैं। इससे साफ होता है कि यह गोरखपुर ठगी गिरोह अंतरराज्यीय स्तर पर गिट्टी-मोरंग सप्लाई (Gitti Morang Supply) के नाम पर कई फर्मों को चूना लगा चुका है। खजनी पुलिस (Khajani Police) और एसटीएफ फील्ड इकाई गोरखपुर (STF Field Unit Gorakhpur) अब इन डायरियों में दर्ज संपर्कों की कड़ियां जोड़ रही है।
Gang को पकड़ने वाली संयुक्त पुलिस टीम
इस सिंडिकेट को बेनकाब करने में खजनी पुलिस (Khajani Police) के उ0नि0 आशीष यादव, कां0 जितेन्द्र कुमार, कां0 अनन्त श्रीवास्तव, कां0 सूरज वर्मा, कां0 गुलजार शामिल रहे। वहीं एसटीएफ फील्ड इकाई गोरखपुर (STF Field Unit Gorakhpur) से उ0नि0 यशवन्त सिंह, उ0नि0 विनायक सिंह, मुख्य आरक्षी अखिलेश कुमार श्रीवास्तव, विनय कुमार सिंह, नसीरुद्दीन, अभिलाष तिवारी और अशोक कुमार सिंह की अहम भूमिका रही।
Gorakhpur Fraud Gang से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (PAA)
गोरखपुर ठगी गिरोह ने सप्लायर को कैसे ठगा?
Gorakhpur Fraud Gang के शातिरों ने खुद को लखनऊ की ‘जेबी ट्रेडिंग कंपनी’ का मालिक बताकर 33.28 लाख रुपये की गिट्टी-मोरंग गोरखपुर, कुशीनगर और जौनपुर में अनलोड कराई और भुगतान के वक्त मोबाइल बंद कर लिए।
क्या Gorakhpur Fraud Gang पहले भी ऐसी वारदातें कर चुका है?
हाँ, अभियुक्तों के पास से बरामद डायरियों में कई राज्यों के ट्रक नंबर और फर्मों के विवरण दर्ज हैं। जांच एजेंसियों को संदेह है कि यह दिल्ली का अंतरराज्यीय गिरोह (Interstate Delhi Gang) कई अन्य राज्यों में भी सक्रिय रहा है।
व्यापारी इस प्रकार के Gorakhpur Fraud Gang से कैसे बचें?
सप्लायरों को चाहिए कि बिना अग्रिम भुगतान और फर्म के जीएसटी व कार्यस्थल के भौतिक सत्यापन के किसी भी अनजान कॉल पर गिट्टी-मोरंग सप्लाई (Gitti Morang Supply) न करें।
कानूनी प्रक्रिया व पुलिस का रुख
गिरफ्तार तीनों अभियुक्तों के विरुद्ध खजनी पुलिस (Khajani Police) द्वारा अग्रिम विधिक कार्यवाही करते हुए न्यायालय में पेश किया जा रहा है। पुलिस कस्टडी रिमांड लेकर इस गोरखपुर ठगी गिरोह (Gorakhpur Fraud Gang) से जुड़े अन्य अंतरराज्यीय लिंक और चोरी का माल खरीदने वालों पर शिकंजा कसा जाएगा।

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Navneet Mishra is a seasoned journalist currently associated with Nirbhik India and its digital portal, nirbhikindia.in. With over six years of experience across print and digital platforms, Navneet specializes in politics, sports, economics, and geopolitics.
A Master’s graduate in Mass Communication from Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University, he is also a dedicated media scholar. His academic research focuses on “the pivotal role of Gorakhpur’s Hindi newspapers during the Indian freedom struggle against the British Crown”. Before joining Nirbhik India, Navneet spent five years at Adarsh Jeevan and gained valuable field experience at Amar Ujala Gorakhpur as training reporter only for 5 days.
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नवनीत मिश्रा वर्तमान में ‘निर्भीक इंडिया’ मीडिया समूह से जुड़े हैं। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। पत्रकारिता के अपने 6 वर्षों के सफर में उन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों डेस्क पर काम किया है। उनके शोध का विषय ब्रिटिश शासन के खिलाफ गोरखपुर के अखबारों का योगदान रहा है, जो उनकी ऐतिहासिक समझ को दर्शाता है। वे राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मामलों (Geopolitics) पर निरंतर लिखते रहे हैं। ‘आदर्श जीवन’ दैनिक में 5 साल का कार्यकाल और ‘अमर उजाला’ गोरखपुर में ट्रेनिंग रिपोर्टिंग के तौर पर मात्र 5 दिन काम क्या है उनकी लेखनी को और भी निखारता है।

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