Gorakhpur POCSO Arrest : 2 दरिंदे दबोचे, Nirbhik India
गोरखपुर (निर्भीक इंडिया): जनपद के चिलुआताल थाना क्षेत्र में नाबालिगों से दुष्कर्म और अपहरण के दो अलग-अलग मामलों में पुलिस ने दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। कैम्पियरगंज सर्किल में चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत हुई गोरखपुर पॉक्सो गिरफ्तारी (Gorakhpur POCSO Arrest) में लखीमपुर और महराजगंज के अभियुक्तों को दबोचकर विधिक प्रक्रिया के तहत जेल भेजा गया है।


Gorakhpur POCSO Arrest: चिलुआताल में 2 मुकदमों पर पुलिसिया स्ट्राइक
निर्भीक इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, गोरखपुर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे महिला व बाल सुरक्षा अभियान के तहत चिलुआताल पुलिस (Chiluatal Police) ने दो अलग-अलग संगीन मामलों में त्वरित कार्रवाई की है। इस गोरखपुर पॉक्सो गिरफ्तारी (Gorakhpur POCSO Arrest) का पहला मामला मु0अ0सं0 683/26 से जुड़ा है, जिसमें आरोपी रामपाल पुत्र छोट्टन (निवासी ग्राम पिपरिया, जनपद लखीमपुर) वांछित था। रामपाल पर एक नाबालिग किशोरी को शादी और गलत नीयत से भगाने और दुष्कर्म करने का आरोप था।
वहीं इस अभियान का दूसरा सनसनीखेज मामला मु0अ0सं0 829/26 का है। इसमें अभियुक्त अतुल चौधरी पुत्र रामकृपाल चौधरी (मूल निवासी ग्राम सेमरा राजा, थाना धरमपुर, जनपद महराजगंज) को दबोचा गया, जो वर्तमान में चिलुआताल के गिदहवा स्थित सेंट्रल एकेडमी के पास छिपकर रह रहा था। दोनों मामलों में चिलुआताल पुलिस (Chiluatal Police) ने अलग-अलग टीमें गठित कर दबिश दी और अभियुक्तों को भागने का मौका नहीं दिया।
Gorakhpur POCSO Arrest: BNS धाराओं और पॉक्सो के तहत कड़ी कार्रवाई
निर्भीक इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों अभियुक्तों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की अत्यंत कठोर गैर-जमानती धाराएं लगाई गई हैं। अभियुक्त रामपाल के विरुद्ध धारा 87, धारा 64(1) और लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम की धारा 3/4 लगाई गई है। दूसरी तरफ, अभियुक्त अतुल चौधरी के खिलाफ बीएनएस धाराएं 64 और 65 (BNS Sections 64 65) के तहत धारा 137(2) (अपहरण), धारा 65(1) (16 वर्ष से कम उम्र की बालिका से दुष्कर्म) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4(2) लागू की गई है।
कानूनी जानकारों के अनुसार, बीएनएस की धारा 65(1) के तहत न्यूनतम 20 वर्ष के कठोर कारावास से लेकर आजीवन कारावास का स्पष्ट प्रावधान है। इस गोरखपुर पॉक्सो गिरफ्तारी (Gorakhpur POCSO Arrest) के बाद पुलिस साक्ष्यों और मेडिकल परीक्षण की रिपोर्ट को त्वरित रूप से अदालत में पेश करने की तैयारी में है। पॉक्सो एक्ट गोरखपुर (POCSO Act Gorakhpur) की विशेष अदालतों में ऐसे मामलों का स्पीडी ट्रायल सुनिश्चित करने के लिए पुलिस वैज्ञानिक साक्ष्य जुटा रही है।
Gorakhpur POCSO Arrest में Campierganj Circle की रणनीति
इस पूरी कार्रवाई को क्षेत्राधिकारी कैम्पियरगंज के पर्यवेक्षण और थानाध्यक्ष चिलुआताल के कुशल नेतृत्व में अंजाम दिया गया। कैम्पियरगंज सर्किल (Campierganj Circle) के ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में संदिग्ध रूप से किराए पर रहने वाले बाहरी व्यक्तियों का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। इसी सतर्कता के चलते गोरखपुर पॉक्सो गिरफ्तारी अभियान सफल रहा और दोनों शातिर अभियुक्त कानून के शिकंजे में आए।
Gorakhpur POCSO Arrest को अंजाम देने वाली पुलिस टीमें
इस Gorakhpur POCSO Arrest ऑपरेशन में दो अलग-अलग पुलिस टीमों की महत्वपूर्ण भूमिका रही:
- प्रथम टीम (मु0अ0सं0 683/26): महिला उप-निरीक्षक सोनी कुमारी, कांस्टेबल प्रमोद और रिक्रूट कांस्टेबल अंकित यादव (थाना चिलुआताल)।
- द्वितीय टीम (मु0अ0सं0 829/26): उप-निरीक्षक विनय कुमार सिंह, कांस्टेबल शुभम सिंह और कांस्टेबल प्रेम शंकर (थाना चिलुआताल)।
POCSO Arrest से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (PAA)
गोरखपुर पॉक्सो गिरफ्तारी (Gorakhpur POCSO Arrest) के तहत पकड़े गए आरोपी कौन हैं
इस के तहत लखीमपुर निवासी रामपाल और महराजगंज निवासी अतुल चौधरी को चिलुआताल क्षेत्र से पकड़ा गया है।
नए बीएनएस (BNS) कानून में नाबालिग से दुष्कर्म पर क्या सजा है?
धारा 65(1) और पॉक्सो एक्ट गोरखपुर (POCSO Act Gorakhpur) के तहत न्यूनतम 20 वर्ष की सख्त कैद से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है।
आधिकारिक बयान व भविष्य का रुख
थानाध्यक्ष चिलुआताल ने स्पष्ट किया है कि कैम्पियरगंज सर्किल (Campierganj Circle) में महिला व बाल अपराधों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति लागू है। इस गोरखपुर पॉक्सो गिरफ्तारी (Gorakhpur POCSO Arrest) के दोनों अभियुक्तों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है और समयबद्ध चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

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Navneet Mishra is a seasoned journalist currently associated with Nirbhik India and its digital portal, nirbhikindia.in. With over six years of experience across print and digital platforms, Navneet specializes in politics, sports, economics, and geopolitics.
A Master’s graduate in Mass Communication from Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University, he is also a dedicated media scholar. His academic research focuses on “the pivotal role of Gorakhpur’s Hindi newspapers during the Indian freedom struggle against the British Crown”. Before joining Nirbhik India, Navneet spent five years at Adarsh Jeevan and gained valuable field experience at Amar Ujala Gorakhpur as training reporter only for 5 days.
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नवनीत मिश्रा वर्तमान में ‘निर्भीक इंडिया’ मीडिया समूह से जुड़े हैं। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। पत्रकारिता के अपने 6 वर्षों के सफर में उन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों डेस्क पर काम किया है। उनके शोध का विषय ब्रिटिश शासन के खिलाफ गोरखपुर के अखबारों का योगदान रहा है, जो उनकी ऐतिहासिक समझ को दर्शाता है। वे राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मामलों (Geopolitics) पर निरंतर लिखते रहे हैं। ‘आदर्श जीवन’ दैनिक में 5 साल का कार्यकाल और ‘अमर उजाला’ गोरखपुर में ट्रेनिंग रिपोर्टिंग के तौर पर मात्र 5 दिन काम क्या है उनकी लेखनी को और भी निखारता है।

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