गोरखपुर रेलवे स्टेशन (Gorakhpur Railway Station) निरीक्षण पर जीएम
गोरखपुर: पूर्वांचल के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण गोरखपुर रेलवे स्टेशन (Gorakhpur Railway Station) पर यात्रियों की सुविधाओं और स्वच्छता को सुनिश्चित करने के लिए पूर्वोत्तर रेलवे (NER) प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद हो गया है। सोमवार, 05 अक्टूबर 2026 को पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबन्धक (GM) श्री उदय बोरवणकर ने गोरखपुर रेलवे स्टेशन (Gorakhpur Railway Station) पर अचानक पहुंचकर यात्री सुविधाओं का सघन निरीक्षण किया।

इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से प्लेटफॉर्म संख्या-9 और वहां खड़ी गाड़ी संख्या 12555 गोरखपुर-बठिण्डा गोरखधाम एक्सप्रेस का कोना-कोना छाना। महाप्रबंधक ने ट्रेन में सफर कर रहे आम यात्रियों से सीधा जनसंवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और फीडबैक लिया। इस वृहद निरीक्षण के दौरान प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर श्री रवीश कुमार सहित कई वरिष्ठ रेल अधिकारी, पर्यवेक्षक एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
गोरखपुर रेलवे स्टेशन (Gorakhpur Railway Station) पर गोरखधाम एक्सप्रेस का सघन निरीक्षण
पूर्वांचल से दिल्ली, हरियाणा और पंजाब (बठिण्डा) की ओर जाने वाले लाखों यात्रियों के लिए गोरखधाम एक्सप्रेस एक प्रमुख ट्रेन है। यही कारण है कि महाप्रबन्धक श्री बोरवणकर ने अपना निरीक्षण इसी वीआईपी ट्रेन से शुरू किया। गोरखपुर रेलवे स्टेशन (Gorakhpur Railway Station) पर खड़ी इस गाड़ी के शयनयान श्रेणी (Sleeper Class) के एस-1 कोच में पहुंचकर उन्होंने पाश्चात्य एवं भारतीय शैली के प्रसाधनों (Toilets), वॉश-बेसिन और प्रकाश व्यवस्था की बारीकी से जांच की।
इसके उपरान्त उन्होंने वातानुकूलित तृतीय श्रेणी (AC 3-Tier) के बी-6, बी-7 और बी-8 कोचों का जायजा लिया। वातानुकूलित कोचों में यात्रियों को रेलवे द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे लिनेन (चादर), तकियों, तौलियों और कम्बलों का अवलोकन करते हुए उसकी साफ-सफाई तथा रख-रखाव को परखा गया। महाप्रबंधक ने मौके पर मौजूद कोच अटेंडेंट को सख्त हिदायत दी कि लिनेन का उचित रख-रखाव सुनिश्चित किया जाए और उसे हमेशा सही स्थान पर रखा जाए।
गोरखपुर रेलवे स्टेशन (Gorakhpur Railway Station) के प्रसाधन, चार्जिंग पॉइंट और सुरक्षा मानकों की चेकिंग
ट्रेनों में गंदे शौचालयों और पानी की कमी की समस्या को खत्म करने के लिए महाप्रबन्धक ने प्रसाधनों के फ्लशिंग सिस्टम का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने गोरखपुर रेलवे स्टेशन (Gorakhpur Railway Station) के संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि कोचों और प्रसाधनों को नियमित अन्तराल पर साफ किया जाए और जलापूर्ति (Water Supply) में कोई बाधा न आए। इसके अतिरिक्त, वातानुकूलित कोचों में पर्दे की साफ-सफाई, मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट्स, कोच के रास्ते में लगी सुरक्षा सूचक पीली पट्टी और वायरिंग सिस्टम को भी चेक किया गया।
‘रेल मदद-139’ और एफओबी (FOB) को लेकर कड़े निर्देश
यात्री अक्सर इंटरनेट पर सर्च करते हैं कि गोरखपुर रेलवे स्टेशन (Gorakhpur Railway Station) पर शिकायत दर्ज कराने के क्या उपाय हैं और ट्रेनों में सुरक्षा मानकों का कितना पालन होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए जीएम श्री बोरवणकर ने कोच के अन्दर लगे पुराने और अस्पष्ट स्टीकरों को तुरंत हटाने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि ‘रेल मदद-139‘ (RailMadad-139) और ‘धूम्रपान निषेध‘ जैसे अति-महत्वपूर्ण जागरूकता वाले स्टीकर बिल्कुल स्पष्ट तरीके से और यात्रियों की आसान पहुंच वाले स्थान पर लगाए जाएं। साथ ही, वातानुकूलित प्रथम श्रेणी (First AC) कोच को आकर्षक बनाने के लिए पेंटिग्स लगवाने का भी सुझाव दिया गया। सामान्य द्वितीय श्रेणी (General Class) के कोचों का भी निरीक्षण कर यात्रियों से सीधा संवाद किया गया।
गोरखपुर रेलवे स्टेशन (Gorakhpur Railway Station) के प्लेटफॉर्म-9 का हाल
ट्रेन के निरीक्षण के पश्चात महाप्रबन्धक ने गोरखपुर रेलवे स्टेशन (Gorakhpur Railway Station) के प्लेटफॉर्म संख्या-9 की व्यवस्थाओं को परखा। उन्होंने वहां मौजूद खान-पान स्टॉलों (Food Stalls) का बृहद निरीक्षण कर आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। इसके अलावा ‘पे एंड यूज’ (Pay and Use) शौचालय में साफ-सफाई एवं प्रकाश व्यवस्था को और सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया।
वर्तमान में गोरखपुर रेलवे स्टेशन (Gorakhpur Railway Station) के प्लेटफॉर्म संख्या-9 पर यात्रियों की सहूलियत के लिए एक नए फुट ओवर ब्रिज (FOB) का निर्माण कार्य चल रहा है। महाप्रबंधक ने इस निर्माणाधीन एफओबी के कार्यों की प्रगति का बारीकी से अवलोकन किया।
उन्होंने अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश दिया कि यह निर्माण कार्य अपनी पूरी गुणवत्ता के साथ तय समय-सीमा के भीतर पूरा होना चाहिए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि इस निर्माण कार्य के दौरान गोरखपुर रेलवे स्टेशन (Gorakhpur Railway Station) से आवागमन करने वाले हजारों यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

निर्भीक इंडिया (NIRBHIK INDIA) एक समाचार पत्र नही अपितु 246 साल से भी लम्बे समय से चल रहे पत्रकारिता की विचारधारा का एक हिस्सा है, जो हमेशा लोकतंत्र के चारो स्तम्भ को मान्यता देने एवं जनता सर्वोपरि की विचारों का प्रतिनिधित्वकत्र्ता है। आप सभी हमारे साथ जुड़े अपने तन, मन व धन से हमें ताकत दें जिससे कि हम आप (जनता) के लिए आप (जनता) के द्वारा, आप (जनता) के आदेशों पर केन्द्र से सवाल करते हुए एक पूर्ण लोकतंत्र बना सकें।।
Navneet Mishra is a seasoned journalist currently associated with Nirbhik India and its digital portal, nirbhikindia.in. With over six years of experience across print and digital platforms, Navneet specializes in politics, sports, economics, and geopolitics.
A Master’s graduate in Mass Communication from Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University, he is also a dedicated media scholar. His academic research focuses on “the pivotal role of Gorakhpur’s Hindi newspapers during the Indian freedom struggle against the British Crown”. Before joining Nirbhik India, Navneet spent five years at Adarsh Jeevan and gained valuable field experience at Amar Ujala Gorakhpur as training reporter only for 5 days.
———————————————————————————-
नवनीत मिश्रा वर्तमान में ‘निर्भीक इंडिया’ मीडिया समूह से जुड़े हैं। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। पत्रकारिता के अपने 6 वर्षों के सफर में उन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों डेस्क पर काम किया है। उनके शोध का विषय ब्रिटिश शासन के खिलाफ गोरखपुर के अखबारों का योगदान रहा है, जो उनकी ऐतिहासिक समझ को दर्शाता है। वे राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मामलों (Geopolitics) पर निरंतर लिखते रहे हैं। ‘आदर्श जीवन’ दैनिक में 5 साल का कार्यकाल और ‘अमर उजाला’ गोरखपुर में ट्रेनिंग रिपोर्टिंग के तौर पर मात्र 5 दिन काम क्या है उनकी लेखनी को और भी निखारता है।

Leave a Reply