CEIR portal से 826 मोबाइल रिकवरी (Lost Mobile Recovery)
गोरखपुर: गुम मोबाइल रिकवरी (Lost Mobile Recovery) के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की गोरखपुर पुलिस (Gorakhpur Police) और सीसीटीएनएस (CCTNS) सेल ने एक विशाल और ऐतिहासिक सफलता दर्ज की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के कड़े निर्देशन और पुलिस अधीक्षक नगर (नोडल अधिकारी, CEIR Portal) के कुशल पर्यवेक्षण में पुलिस टीमों ने सघन अभियान चलाते हुए कुल 826 एंड्रॉइड मोबाइल (Android Mobile) फोन बरामद किए हैं।

पुलिस विभाग द्वारा जारी “Press Note CEIR Portal (2).pdf” के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बरामद किए गए इन 826 मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत 1 करोड़ 49 लाख 01 हजार 394 रुपये आंकी गई है। पुलिस अधीक्षक नगर द्वारा पुलिस लाइन में आयोजित एक कार्यक्रम में ये सभी बरामद मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को सुरक्षित सुपुर्द कर दिए गए हैं। यह पूरी कार्रवाई भारत सरकार द्वारा जारी किए गए CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल के माध्यम से संभव हो सकी है।
CEIR पोर्टल (CEIR Portal) से गुम मोबाइल रिकवरी (Lost Mobile Recovery) का 11वां सफल चरण
भारत सरकार द्वारा CEIR पोर्टल (CEIR Portal) के प्रारंभ होने के बाद से ही जनपद गोरखपुर में CCTNS सेल द्वारा इसकी कड़ी मॉनिटरिंग की जा रही है। “Press Note CEIR Portal (2).pdf” रिपोर्ट के मुताबिक, अलग-अलग थानों के पोर्टल पर गुम या चोरी हुए मोबाइलों की जो सूचना दर्ज कराई गई थी, उसके आधार पर CCTNS कार्यालयों में नियुक्त कम्प्यूटर ऑपरेटर ग्रेड “ए”, “बी” और आरक्षी कम्प्यूटर चालकों ने इस पोर्टल पर प्राप्त ट्रेसिबिलिटी डिटेल्स (Traceability Details) का तकनीकी विश्लेषण किया।
जब किसी अनजान व्यक्ति द्वारा चोरी किए गए मोबाइल में नया सिम (SIM) कार्ड डाला गया, तो पोर्टल की मदद से उस सिम का विवरण और सटीक लोकेशन (Location) पुलिस को प्राप्त हो गई, जिसके परिणामस्वरूप यह विशाल गुम मोबाइल रिकवरी (Lost Mobile Recovery) सफलतापूर्वक अंजाम दी गई।
अब तक 5.98 करोड़ रुपये की शानदार गुम मोबाइल रिकवरी (Lost Mobile Recovery)
गोरखपुर पुलिस (Gorakhpur Police) द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान के तहत अब तक 11 विभिन्न चरणों में कुल 3463 एंड्रॉइड मोबाइल (Android Mobile) बरामद कर स्वामियों को सौंपे जा चुके हैं। “Press Note CEIR Portal (2).pdf” में इन 11 चरणों का विस्तृत विवरण दिया गया है:
- प्रथम चरण (04-09-2023): 04 मोबाइल (कीमत: 43,748 रुपये)।
- द्वितीय चरण (18-11-2023): 29 मोबाइल (कीमत: 6,13,735 रुपये)।
- तृतीय चरण (24-01-2024): 51 मोबाइल (कीमत: 9,49,513 रुपये)।
- चतुर्थ चरण (24-03-2024): 77 मोबाइल (कीमत: 12,80,496 रुपये)।
- पंचम चरण (17-05-2024): 120 मोबाइल (कीमत: 20,40,423 रुपये)।
- षष्टम चरण (25-08-2024): 267 मोबाइल (कीमत: 43,44,821 रुपये)।
- सप्तम चरण (28-10-2024): 224 मोबाइल (कीमत: 35,05,681 रुपये)।
- अष्टम चरण (12-03-2025): 260 मोबाइल (कीमत: 43,48,311 रुपये)।
- नवम चरण (13-09-2025): 753 मोबाइल (कीमत: 1,24,60,900 रुपये)।
- दसवां चरण (10-04-2026): 852 मोबाइल (कीमत: 1,53,47,956 रुपये)।
- 11वां चरण (08-09-2026): 826 मोबाइल (कीमत: 1,49,01,394 रुपये)।
इन सभी चरणों को मिलाकर पुलिस ने अब तक कुल 5 करोड़ 98 लाख 36 हजार 978 रुपये मूल्य की ऐतिहासिक गुम मोबाइल रिकवरी (Lost Mobile Recovery) की है।
थानों के अनुसार गुम मोबाइल रिकवरी (Lost Mobile Recovery) का आंकड़ा
11वें चरण की इस रिकवरी में जिले के कुल 27 थानों (साइबर थाना सहित) का योगदान रहा है। “Press Note CEIR Portal (2).pdf” में दर्ज पुलिस स्टेशन-वार आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक 163 मोबाइल (कीमत 32,47,950 रुपये) कैंट थाने से बरामद किए गए हैं।
इसके अलावा गोला से 66 (कीमत 11,71,829), बड़हलगंज से 66 (कीमत 10,71,989), गुलरिहा से 63 (कीमत 10,30,986), और गोरखनाथ से 53 (कीमत 9,80,477) मोबाइल बरामद हुए हैं।
खोराबार से 45, रामगढ़ताल से 48, कोतवाली व राजघाट से 34-34, शाहपुर से 33, कैम्पियरगंज से 30, खजनी से 26, चौरी चौरा से 20, गगहा से 17, चिलुआताल व बेलीपार से 16-16 फोन बरामद किए गए हैं।
वहीं ग्रामीण अंचलों के थानों जैसे उरूवा बाजार, गीडा, तिवारीपुर, बेलघाट, सिकरीगंज, सहजनवां और बांसगांव से भी दर्जनों की संख्या में फोन बरामद किए गए हैं, जिसमें साइबर थाने (Cyber Thana) से भी 2 फोन (कीमत 43,899 रुपये) शामिल हैं।
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इंटरनेट पर नागरिक लगातार यह खोजते हैं कि मोबाइल खो जाने या चोरी होने पर सबसे पहले क्या विधिक कार्रवाई करनी चाहिए और गुम मोबाइल रिकवरी (Lost Mobile Recovery) की तकनीकी प्रक्रिया क्या है।
भारत सरकार के दूरसंचार विभाग द्वारा शुरू किया गया CEIR (Central Equipment Identity Register) एक ऐसा केंद्रीयकृत डेटाबेस है जो चोरी या गुम हुए मोबाइल उपकरणों को ब्लॉक करने और उन्हें ट्रैक करने की सुविधा देता है।
- FIR और सिम ब्लॉक: मोबाइल गुम होने पर तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या ऑनलाइन पोर्टल पर FIR दर्ज करानी होती है और अपने ऑपरेटर से पुराना सिम ब्लॉक कराकर नया सिम लेना होता है।
- CEIR रजिस्ट्रेशन: इसके बाद CEIR वेबसाइट पर जाकर FIR की प्रति, आईडी प्रूफ, और मोबाइल का IMEI नंबर अपलोड करके ब्लॉकिंग की रिक्वेस्ट डालनी होती है।
- पुलिस ट्रैकिंग: पोर्टल पर फोन के ब्लॉक होते ही, यदि कोई चोर उसमें नया सिम डालता है, तो CCTNS सेल को तुरंत अलर्ट (Traceability Detail) मिल जाता है। इसी तकनीकी प्रक्रिया के बल पर गोरखपुर पुलिस ने 826 मोबाइलों की गुम मोबाइल रिकवरी (Lost Mobile Recovery) को मुमकिन बनाया है।
गुम मोबाइल रिकवरी (Lost Mobile Recovery) में CCTNS टीम का अतुलनीय योगदान
“Press Note CEIR Portal (2).pdf” में इस सघन गुम मोबाइल रिकवरी (Lost Mobile Recovery) अभियान को सफल बनाने वाले तकनीकी स्टाफ और पुलिसकर्मियों के नामों की भी आधिकारिक घोषणा की गई है। इन विशेषज्ञों ने तकनीकी सर्विलांस (Technical Surveillance) का बेहतरीन उपयोग किया।
मुख्य योगदानकर्ताओं में कैंट थाने से कम्प्यूटर ऑपरेटर रोशन कुमार व आरक्षी गुलशन मणि, गोला से आरक्षी सुनील सोनकर, बड़हलगंज से विनय चौहान व दीपक पाण्डेय शामिल हैं। इसके साथ ही गुलरिहा से कुश कुमार, गोरखनाथ से अजीत शर्मा व सुनील कुमार, खोराबार से बीर बहादुर सिंह यादव, रामगढ़ताल से महिला आरक्षी मोनिका पटेल, कोतवाली से मो. शकील व अखिलेश, राजघाट से राम प्रकाश व स्नेहलता, और शाहपुर से अनुष्का गुप्ता ने अहम भूमिका निभाई है।
चौरी चौरा से पंकज गुप्ता, उरूवा बाजार से राकेश शर्मा, साइबर थाने से सुशील गुप्ता सहित कुल 27 थानों के कम्प्यूटर ऑपरेटरों व आरक्षियों के सामूहिक और अथक प्रयास से ही आम जनता के चेहरों पर मुस्कान लौटाई जा सकी है।

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