Municipal Commissioner Inspection : 2000 घरों को राहत
गोरखपुर: नगर आयुक्त का स्थलीय निरीक्षण (Municipal Commissioner Inspection) शुक्रवार प्रातः 08:00 बजे गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) द्वारा नगर निगम को हस्तांतरित कॉलोनियों में नागरिक सुविधाओं, सफाई व्यवस्था और बुनियादी विकास कार्यों की स्थिति परखने के लिए किया गया।

निर्भीक इंडिया के संवाददाता के अनुसार सघन निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने बुद्ध विहार कमर्शियल कॉलोनी, रामगढ़ थाना क्षेत्र, वार्ड संख्या 37 भरवलियां तथा बुद्ध विहार पार्ट-ए व पार्ट-बी का विस्तृत जायजा लिया। इस दौरान बारिश में होने वाले जलभराव से मुक्ति के लिए नालियों व चैंबरों की तत्काल सफाई कराने के साथ-साथ पेयजल परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूरा करने के कड़े निर्देश जारी किए गए। नगर निगम के इस कदम से क्षेत्र के लगभग 2,000 परिवारों को शुद्ध पेयजल आपूर्ति का सीधा लाभ मिलने जा रहा है।
बुद्ध विहार में Municipal Commissioner Inspection और जल निकासी के निर्देश
अभियान के पहले चरण में नगर आयुक्त ने बुद्ध विहार कमर्शियल कॉलोनी का गहन मुआयना किया। इस कॉलोनी में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के समीप से मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम (CM-GRID) के तहत एक प्रमुख सड़क का निर्माण प्रस्तावित है।
निरीक्षण के दौरान स्थानीय नागरिकों ने नगर आयुक्त को अवगत कराया कि मानसूनी बारिश के समय मुख्य मार्ग पर भयंकर जलभराव की समस्या उत्पन्न हो जाती है, जिससे आवागमन पूरी तरह अवरुद्ध हो जाता है।
निर्भीक इंडिया के संवाददाता ने इस दौरान पाया कि इस जनसमस्या को गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त का स्थलीय निरीक्षण (Municipal Commissioner Inspection) के दौरान अवर अभियंता अवनीश भारती और सफाई निरीक्षक राजेंद्र कुमार को निर्देशित किया गया कि वे कॉलोनी की समस्त नालियों की तलीझार सफाई तुरंत शुरू कराएं। इसके साथ ही सड़क पर बने सभी क्रॉस और ह्यूम पाइपों में तकनीकी रूप से नए चैंबर बनाकर जल निकासी को निर्बाध करने के निर्देश दिए गए।
इसके अतिरिक्त, बुद्ध विहार कमर्शियल कॉलोनी में अग्रवाल मार्बल्स के सामने स्थित पार्किंग भूमि का भी निरीक्षण किया गया। इस भूखंड के चारों तरफ बाउंड्रीवॉल का निर्माण पहले से पूर्ण है। नगर आयुक्त ने अवर अभियंता को निर्देशित किया कि वाहनों के सुव्यवस्थित ठहराव हेतु यहाँ तत्काल मिट्टी सोलिंग कराकर उच्च गुणवत्ता का खड़ंजा लगवाया जाए, ताकि वर्षाकाल में कीचड़ की समस्या न रहे।
पेयजल संकट पर नगर आयुक्त का स्थलीय निरीक्षण: 50 लाख की योजना
शहरी क्षेत्र में निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने की कड़ी में नगर आयुक्त ने वार्ड संख्या 37 भरवलियां का स्थलीय दौरा किया। यहाँ मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना (CMNSY) के अंतर्गत 50.04 लाख रुपये की स्वीकृत धनराशि से एक बड़े नलकूप (डीप ट्यूबवेल) के अधिष्ठापन का कार्य प्रगति पर है।
सहायक अभियंता एवं अवर अभियंता जलकल की उपस्थिति में नगर आयुक्त ने चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की तकनीकी जांच की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि अधिष्ठापन से संबंधित शेष कार्यों को युद्धस्तर पर पूरा कर नलकूप को शीघ्र अति शीघ्र चालू किया जाए। इस नलकूप के क्रियाशील होते ही भरवलियां क्षेत्र के करीब 800 घरों को सीधे शुद्ध और सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति शुरू हो जाएगी।
GDA हस्तांतरित कॉलोनियों में जल निकासी और विकास कार्य (People Also Search For)
इंटरनेट पर स्थानीय नागरिक अक्सर खोजते हैं कि जीडीए द्वारा नगर निगम को सौंपी गई कॉलोनियों में विकास कार्यों की जिम्मेदारी किसकी है और जलभराव का स्थायी समाधान क्या है।
दरअसल, जब गोरखपुर विकास प्राधिकरण कॉलोनियों को नगर निगम को हस्तांतरित करता है, तो प्रारंभिक दौर में नालियों, सड़कों और प्रकाश व्यवस्था के अपूर्ण रहने से जल निकासी की बड़ी समस्या खड़ी होती है। नगर आयुक्त का स्थलीय निरीक्षण (Municipal Commissioner Inspection) इसी प्रशासनिक खाई को पाटने के लिए किया जा रहा है। नगर निगम अब सीएम ग्रिड योजना और त्वरित सफाई रोस्टर के जरिए इन कॉलोनियों की आधारभूत संरचना को मुख्य शहर के मानकों के अनुरूप उच्चीकृत कर रहा है।
बुद्ध विहार पार्ट-ए और बी: तकनीकी मानकों पर सख्त निर्देश
गोरखपुर विकास प्राधिकरण द्वारा नगर निगम को हस्तगत की गई बुद्ध विहार पार्ट-ए एवं बुद्ध विहार पार्ट-बी कॉलोनियों में चल रहे पेयजल पाइपलाइन विस्तार, नलकूप अधिष्ठापन और ओवरहेड टैंक (OHT) के मरम्मत कार्यों का भी स्थलीय मुआयना किया गया।
यहाँ निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने एक बड़ा नीतिगत और तकनीकी निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कॉलोनियों में दिए जा रहे सभी नए घरेलू पेयजल कनेक्शनों में लोहे के एमएस क्लैंप (MS Clamp) के स्थान पर अनिवार्य रूप से उच्च गुणवत्ता वाले एचडीपीई क्लैंप (HDPE Clamp) का ही उपयोग किया जाए। लोहे के क्लैंप में जंग लगने से पाइपलाइन लीकेज और गंदे पानी के संक्रमण का खतरा बना रहता है, जबकि एचडीपीई क्लैंप टिकाऊ और लीकेज-मुक्त जलापूर्ति सुनिश्चित करते हैं। इस परियोजना के पूर्ण होने पर बुद्ध विहार पार्ट-ए और बी के लगभग 1,200 घरों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होगा।
रामगढ़ थाने के सामने गारबेज ट्रांसफर स्टेशन का निरीक्षण
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से नगर आयुक्त ने रामगढ़ थाने के ठीक सामने निर्माणाधीन आधुनिक गारबेज ट्रांसफर स्टेशन (Garbage Transfer Station) एवं स्वच्छता वाहनों के पार्किंग स्थल का निरीक्षण किया। वर्तमान में इस परिसर में बाउंड्रीवॉल का निर्माण कार्य तीव्र गति से चल रहा है।
नगर आयुक्त ने कार्यदायी एजेंसी और नगर निगम के निर्माण विभाग को सख्त हिदायत दी कि निर्माण कार्य को निर्धारित समय-सीमा के भीतर और तय मानकों के अनुसार पूरा किया जाए। इस स्टेशन के चालू होने से क्षेत्र से निकलने वाले ठोस कचरे का त्वरित निस्तारण होगा और खुले में कूड़ा फेंकने की प्रवृत्ति पर प्रभावी रोक लगेगी।
शुद्ध पेयजल और जलकल कनेक्शन की गुणवत्ता (People Also Search For)
लोग गूगल पर यह भी खोजते हैं कि नए नलकूप और पाइपलाइन विस्तार से किन-किन वार्डों को लाभ मिलेगा और पानी का प्रेशर कैसे बेहतर होगा। भरवलियां के 800 घर और बुद्ध विहार के 1200 घर मिलाकर कुल 2,000 घरों को इस योजना से सीधा आच्छादित किया जा रहा है। एचडीपीई क्लैंप के उपयोग से टेल-एंड (अंतिम छोर) के उपभोक्ताओं को भी पर्याप्त दबाव के साथ शुद्ध पानी मिलेगा।
इस पूरे निरीक्षण अभियान के दौरान स्थानीय पार्षद अजय राय, मुख्य अभियंता अमित शर्मा, सहायक अभियंता जलकल राकेश यादव, अवर अभियंता अवनीश भारती, सफाई निरीक्षक राजेंद्र कुमार सहित जलकल और निर्माण विभाग के अन्य संबंधित अधिकारी एवं तकनीकी कर्मचारी उपस्थित रहे।

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Navneet Mishra is a seasoned journalist currently associated with Nirbhik India and its digital portal, nirbhikindia.in. With over six years of experience across print and digital platforms, Navneet specializes in politics, sports, economics, and geopolitics.
A Master’s graduate in Mass Communication from Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University, he is also a dedicated media scholar. His academic research focuses on “the pivotal role of Gorakhpur’s Hindi newspapers during the Indian freedom struggle against the British Crown”. Before joining Nirbhik India, Navneet spent five years at Adarsh Jeevan and gained valuable field experience at Amar Ujala Gorakhpur as training reporter only for 5 days.
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नवनीत मिश्रा वर्तमान में ‘निर्भीक इंडिया’ मीडिया समूह से जुड़े हैं। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। पत्रकारिता के अपने 6 वर्षों के सफर में उन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों डेस्क पर काम किया है। उनके शोध का विषय ब्रिटिश शासन के खिलाफ गोरखपुर के अखबारों का योगदान रहा है, जो उनकी ऐतिहासिक समझ को दर्शाता है। वे राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मामलों (Geopolitics) पर निरंतर लिखते रहे हैं। ‘आदर्श जीवन’ दैनिक में 5 साल का कार्यकाल और ‘अमर उजाला’ गोरखपुर में ट्रेनिंग रिपोर्टिंग के तौर पर मात्र 5 दिन काम क्या है उनकी लेखनी को और भी निखारता है।

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