शुक्रवार, सितम्बर 11, 2026
रेल समाचार

Gati Shakti Cargo Terminal: रेलवे का 71 लाख का नया मास्टरस्ट्रोक

बरेली/गोरखपुर: Gati Shakti Cargo Terminal (गति शक्ति मल्टी-मॉडल कार्गो टर्मिनल) और रेल-आधारित लॉजिस्टिक्स के विकास के तहत पूर्वोत्तर रेलवे (NER) के इज्जतनगर मंडल ने भारतीय रेलवे के इतिहास में एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है।

क्या है Gati Shakti Cargo Terminal का बितरोई प्रोजेक्ट?
Gati Shakti Cargo Terminal रेलवे का 71 लाख का नया मास्टरस्ट्रोक

माल ढुलाई (Freight Business) को रफ्तार देने के लिए इज्जतनगर मंडल ने बितरोई गुड्स शेड (Bitroi Goods Shed) के पास अत्याधुनिक वेयरहाउसिंग के लिए टेंडर अवार्ड कर दिया है। पूरे भारतीय रेल नेटवर्क में ऐसा साहसिक और दूरदर्शी कदम उठाने वाला इज्जतनगर देश का पहला मंडल बन गया है।

क्या है Gati Shakti Cargo Terminal का बितरोई प्रोजेक्ट?

रेलवे की पारंपरिक माल ढुलाई प्रणाली को पूरी तरह से आधुनिक बनाने के लिए Gati Shakti Cargo Terminal के अंतर्गत यह सुविधा पूरे 25 साल की लंबी अवधि के लिए विकसित की जा रही है।

इस इंटीग्रेटेड रेल-आधारित लॉजिस्टिक्स फ्रेमवर्क का मुख्य उद्देश्य केवल माल को एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक पहुंचाना नहीं है, बल्कि लोडर और कंसाइनर को स्टेशन पर ही माल के सुरक्षित भंडारण (Storage) की सुविधा देना है। 25 वर्षों के इस लॉन्ग-टर्म एग्रीमेंट से बितरोई गुड्स शेड एक प्रमुख वेयरहाउसिंग हब बन जाएगा।

व्यापारियों को अब अपना माल तुरंत ट्रकों में लादकर ले जाने की मजबूरी नहीं होगी; वे Gati Shakti Cargo Terminal की सुरक्षित वेयरहाउसिंग सुविधा का लाभ उठाकर अपने एंड-टू-एंड लॉजिस्टिक्स (End-to-End Logistics) को सुगम बना सकेंगे।

Gati Shakti Cargo Terminal से सालाना 71 लाख की गारंटीड कमाई

पूर्वोत्तर रेलवे का यह कदम केवल बुनियादी ढांचे का विकास नहीं है, बल्कि यह एक शानदार वित्तीय मॉडल (Financial Model) भी है। Gati Shakti Cargo Terminal की इस वेयरहाउसिंग पहल से रेलवे के राजस्व (Revenue) में ऐतिहासिक वृद्धि होने जा रही है:

  • गारंटीड फ्रेट ट्रैफिक: इस समझौते के तहत रेलवे को सालाना 71.67 लाख रुपये का गारंटीड फ्रेट ट्रैफिक (मालभाड़ा) प्राप्त होगा।
  • सालाना बढ़ोतरी: इस गारंटीड कमाई में हर साल 6 प्रतिशत की निश्चित बढ़ोतरी तय की गई है।
  • प्रॉफिट शेयरिंग: लागू लैंड लीज़ चार्ज के साथ-साथ रेलवे को 25 प्रतिशत कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से ज्यादा प्रॉफिट शेयरिंग भी मिलेगी, जिससे लगातार और सुरक्षित रेवेन्यू का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

Gati Shakti Cargo Terminal से माल ढुलाई (Freight) में क्रांति

व्यापारियों और मालगाड़ियों के संचालन के दृष्टिकोण से Gati Shakti Cargo Terminal का यह प्रोजेक्ट एक गेम-चेंजर साबित होगा।

इससे पहले, गुड्स शेड पर माल डंप होने और वेयरहाउस की कमी के कारण वैगनों को खाली करने में काफी समय लगता था (Wagon Detention Time)। अब इस इंटीग्रेटेड वेयरहाउसिंग के आ जाने से लोडिंग और अनलोडिंग की प्रक्रिया बेहद तेज हो जाएगी। वैगन समय पर खाली होंगे, जिससे मालगाड़ियों के फेरे बढ़ेंगे और अप्रत्यक्ष रूप से रेल फ्रेट ट्रैफिक (Rail Freight Traffic) में भारी उछाल आएगा।

ग्राहकों के लिए यह सुविधा इसलिए भी फायदेमंद है क्योंकि उन्हें स्टेशन परिसर में ही सुरक्षित भंडारण मिल जाएगा, जिससे ट्रांसपोर्टेशन की दोहरी लागत और माल खराब होने का जोखिम खत्म हो जाएगा।

पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल की यह अहम और अभिनव पहल उसे रेल-आधारित लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में पूरे देश में सबसे आगे रखती है। इनोवेशन, फ्रेट क्षमता में बढ़ोतरी और ग्राहक-केंद्रित सेवाओं (Customer-centric services) के प्रति इज्जतनगर मंडल का यह Gati Shakti Cargo Terminal प्रोजेक्ट अन्य मंडलों के लिए एक आदर्श रोल मॉडल बन गया है।

माल ढुलाई (Freight Business) में व्यापारियों को क्या फायदा? (People Also Search For)

व्यापारियों का सबसे बड़ा सवाल होता है कि इस Gati Shakti Cargo Terminal से उन्हें जमीनी स्तर पर क्या लाभ मिलेगा?

  • समय की बचत: वेयरहाउस की कमी के कारण वैगनों को खाली करने में काफी समय लगता था (Wagon Detention Time)। अब इंटीग्रेटेड वेयरहाउसिंग आ जाने से लोडिंग और अनलोडिंग की प्रक्रिया बेहद तेज हो जाएगी।
  • लागत में कमी: ग्राहकों के लिए यह सुविधा इसलिए फायदेमंद है क्योंकि उन्हें स्टेशन परिसर में ही सुरक्षित भंडारण मिल जाएगा, जिससे ट्रकों के ट्रांसपोर्टेशन की दोहरी लागत और माल खराब होने का जोखिम खत्म हो जाएगा।

पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल की यह पहल उसे रेल-आधारित लॉजिस्टिक्स में सबसे आगे रखती है। इनोवेशन और ग्राहक-केंद्रित सेवाओं के प्रति इज्जतनगर मंडल का यह Gati Shakti Cargo Terminal प्रोजेक्ट पूरे देश के लिए एक आदर्श मॉडल बन गया है।

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Navneet Mishra

Navneet Mishra is a seasoned journalist currently associated with Nirbhik India and its digital portal, nirbhikindia.in. With over six years of experience across print and digital platforms, Navneet specializes in politics, sports, economics, and geopolitics.
A Master’s graduate in Mass Communication from Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University, he is also a dedicated media scholar. His academic research focuses on “the pivotal role of Gorakhpur’s Hindi newspapers during the Indian freedom struggle against the British Crown”. Before joining Nirbhik India, Navneet spent five years at Adarsh Jeevan and gained valuable field experience at Amar Ujala Gorakhpur as training reporter only for 5 days.
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नवनीत मिश्रा वर्तमान में ‘निर्भीक इंडिया’ मीडिया समूह से जुड़े हैं। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। पत्रकारिता के अपने 6 वर्षों के सफर में उन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों डेस्क पर काम किया है। उनके शोध का विषय ब्रिटिश शासन के खिलाफ गोरखपुर के अखबारों का योगदान रहा है, जो उनकी ऐतिहासिक समझ को दर्शाता है। वे राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मामलों (Geopolitics) पर निरंतर लिखते रहे हैं। ‘आदर्श जीवन’ दैनिक में 5 साल का कार्यकाल और ‘अमर उजाला’ गोरखपुर में ट्रेनिंग रिपोर्टिंग के तौर पर मात्र 5 दिन काम क्या है उनकी लेखनी को और भी निखारता है।

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Navneet Mishra is a seasoned journalist currently associated with Nirbhik India and its digital portal, nirbhikindia.in. With over six years of experience across print and digital platforms, Navneet specializes in politics, sports, economics, and geopolitics. A Master’s graduate in Mass Communication from Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University, he is also a dedicated media scholar. His academic research focuses on "the pivotal role of Gorakhpur’s Hindi newspapers during the Indian freedom struggle against the British Crown". Before joining Nirbhik India, Navneet spent five years at Adarsh Jeevan and gained valuable field experience at Amar Ujala Gorakhpur as training reporter only for 5 days. ---------------------------------------------------------------------------------- नवनीत मिश्रा वर्तमान में 'निर्भीक इंडिया' मीडिया समूह से जुड़े हैं। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। पत्रकारिता के अपने 6 वर्षों के सफर में उन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों डेस्क पर काम किया है। उनके शोध का विषय ब्रिटिश शासन के खिलाफ गोरखपुर के अखबारों का योगदान रहा है, जो उनकी ऐतिहासिक समझ को दर्शाता है। वे राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मामलों (Geopolitics) पर निरंतर लिखते रहे हैं। 'आदर्श जीवन' दैनिक में 5 साल का कार्यकाल और 'अमर उजाला' गोरखपुर में ट्रेनिंग रिपोर्टिंग के तौर पर मात्र 5 दिन काम क्या है उनकी लेखनी को और भी निखारता है।

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