सावधान! sonpur train Route Diverted, IRCTC से पहले निर्भीक इंडिया
पटना/गोरखपुर: पूर्व मध्य रेलवे (ECR) के दानापुर और सोनपुर मंडल में यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों के लिए एक बेहद जरूरी और बड़ा अलर्ट है। रेलवे प्रशासन ने परिचालनिक सुगमता और सुरक्षा को दुरुस्त करने के लिए राजेन्द्र पुल, हाथीदा, रामपुर डुमरा एवं दिनकर ग्राम सिमरिया स्टेशनों पर बड़े पैमाने पर प्री-नॉन इंटरलॉकिंग और नॉन इंटरलॉकिंग कार्य शुरू किया है।

इस महत्वपूर्ण मेगा ब्लॉक के कारण दर्जनों एक्सप्रेस व मेल गाड़ियों का sonpur train Route Diverted किया गया है। यदि आप भी आगामी दिनों में यूपी, बिहार या पश्चिम बंगाल की यात्रा करने वाले हैं, तो घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन का नया रूट जरूर जांच लें, क्योंकि इस sonpur train Route Diverted की वजह से कई प्रमुख स्टेशनों पर गाड़ियों का ठहराव निरस्त कर दिया गया है।
किन प्रमुख गाड़ियों का हुआ sonpur train Route Diverted?
रेलवे बोर्ड द्वारा जारी की गई आधिकारिक सूची के अनुसार, हावड़ा, गोरखपुर, सियालदह और जम्मू की ओर जाने वाली कई प्रमुख ट्रेनों का sonpur train Route Diverted कर उन्हें बदले हुए लंबे व वैकल्पिक मार्गों से चलाया जाएगा। पूरी सूची इस प्रकार है:
बंगाल और यूपी/बिहार की ट्रेनें:
- 13047 हावड़ा-प्रयागराज रामबाग एक्सप्रेस: 21 सितंबर से 03 अक्टूबर 2026 तक यह गाड़ी किऊल-शेखपुरा-बिहार शरीफ-बख्तियारपुर के रास्ते चलेगी। इस sonpur train Route Diverted के कारण ट्रेन मोकामा और बाढ़ स्टेशनों पर नहीं रुकेगी।
- 13019/13020 हावड़ा-काठगोदाम-हावड़ा एक्सप्रेस: 25 सितंबर से 03 अक्टूबर तक दोनों दिशाओं में यह ट्रेन बर्द्धमान-रामपुर हाट-मुंगेर-बरौनी के रास्ते चलाई जाएगी। मार्ग बदलने से यह गाड़ी झाझा, जमुई, किऊल, लक्खीसराय, बड़हिया, और दिनकर ग्राम सिमरिया स्टेशनों पर नहीं ठहरेगी।
- 13105/13106 सियालदह-बलिया-सियालदह एक्सप्रेस: 26 से 30 सितंबर के बीच यह ट्रेन बर्द्धमान-रामपुर हाट-मुंगेर-बरौनी के रास्ते संचालित होगी। इस sonpur train Route Diverted के फलस्वरूप यह गाड़ी बड़हिया स्टेशन पर नहीं रुकेगी।
गोरखपुर, जम्मू और सम्बलपुर की ट्रेनें:
- 15098/15097 जम्मूतवी-भागलपुर-जम्मूतवी एक्सप्रेस: (22, 24, 29 सितंबर व 01 अक्टूबर) यह गाड़ी मुंगेर-सबदलपुर-बरौनी के रास्ते चलेगी और इसका ठहराव किऊल स्टेशन पर नहीं होगा।
- 15027/15028 सम्बलपुर-गोरखपुर-सम्बलपुर एक्सप्रेस: 25 सितंबर से 04 अक्टूबर के बीच इसका sonpur train Route Diverted कर इसे किऊल-मुंगेर-बरौनी के रास्ते चलाया जा रहा है। यह ट्रेन अब लक्खीसराय, बड़हिया, और हाथीदा स्टेशनों पर नहीं रुकेगी।
गोरखपुर-कोलकाता रूट की विशेष गाड़ियां: इस रूट पर चलने वाली पूर्वांचल की सबसे अहम गाड़ियों का भी sonpur train Route Diverted किया गया है। इन सभी ट्रेनों का ठहराव अब ‘झाझा’ स्टेशन पर नहीं होगा:
- 15047 कोलकाता-गोरखपुर एक्सप्रेस: (26, 28, 29 सितंबर, 01, 03 अक्टूबर) मालदा टाउन-कटिहार-बरौनी के रास्ते।
- 15050 गोरखपुर-कोलकाता एक्सप्रेस: (26, 30 सितंबर, 03 अक्टूबर) बरौनी-कटिहार-मालदा टाउन-रामपुरहाट के रास्ते।
- 15048 गोरखपुर-कोलकाता एक्सप्रेस: (27, 28, 29 सितंबर, 02, 04 अक्टूबर) बरौनी-कटिहार-मालदा टाउन-रामपुरहाट के रास्ते।
- 15049 कोलकाता-गोरखपुर एक्सप्रेस: (27, 30 सितंबर, 04 अक्टूबर) मालदा टाउन-कटिहार-बरौनी के रास्ते।
- 15052 गोरखपुर-कोलकाता एक्सप्रेस: (01 अक्टूबर) बरौनी-कटिहार-मालदा टाउन-रामपुरहाट के रास्ते।
- 15051 कोलकाता-गोरखपुर एक्सप्रेस: (02 अक्टूबर) मालदा टाउन-कटिहार-बरौनी के रास्ते।
sonpur train Route Diverted से प्रभावित मुख्य स्टेशन
इस बड़े ब्लॉक और sonpur train Route Diverted के कारण बिहार के कई महत्वपूर्ण जंक्शन सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। झाझा, किऊल, जमुई, लक्खीसराय, बड़हिया, मोकामा, हाथीदा, बाढ़ और दिनकर ग्राम सिमरिया (बेगूसराय) जैसे स्टेशनों से यात्रा करने वाले यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए अब सड़क मार्ग या अन्य लोकल ट्रेनों का सहारा लेना पड़ेगा।
नॉन-इंटरलॉकिंग और sonpur train Route Diverted क्यों? (People Also Search For)
इंटरनेट पर रेल यात्री अक्सर खोजते हैं कि अचानक इतनी बड़ी संख्या में sonpur train Route Diverted क्यों किया जाता है और यह नॉन-इंटरलॉकिंग (NI Work) क्या है।
रेलवे ट्रैक की क्षमता बढ़ाने, नए सिग्नलिंग सिस्टम (इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग) को इंस्टॉल करने और पटरियों के दोहरीकरण (Doubling) के समय मौजूदा पटरियों का कनेक्शन मुख्य कंट्रोल रूम से काटना पड़ता है। इस अवधि में ट्रेनों को मैनुअल तरीके से या अत्यंत धीमी गति से गुजारना पड़ता है।
सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, रेलवे भीड़भाड़ वाली ट्रेनों का sonpur train Route Diverted कर उन्हें दूसरे खाली रूट से गुजारता है ताकि निर्माण कार्य तेजी से और सुरक्षित तरीके से पूरा हो सके।
sonpur train Route Diverted होने पर यात्री क्या करें? (People Also Search For)
लोग गूगल पर यह भी सर्च करते हैं कि यदि उनके बोर्डिंग स्टेशन पर ट्रेन नहीं आ रही है तो रिफंड कैसे लें। रेलवे के नियमानुसार, यदि sonpur train Route Diverted होने के कारण ट्रेन आपके निर्धारित बोर्डिंग स्टेशन से नहीं गुजर रही है, तो आप पूरा रिफंड (Full Refund) प्राप्त करने के हकदार हैं।
ऑनलाइन टिकट स्वतः रद्द होने की स्थिति में पैसा खाते में आ जाता है, जबकि काउंटर टिकट के लिए स्टेशन जाना पड़ता है। असुविधा से बचने के लिए यात्रा से पूर्व NTES ऐप या 139 हेल्पलाइन के जरिए अपनी ट्रेन का रनिंग स्टेटस और परिवर्तित रूट अवश्य चेक कर लें।

निर्भीक इंडिया (NIRBHIK INDIA) एक समाचार पत्र नही अपितु 245 साल से भी लम्बे समय से चल रहे पत्रकारिता की विचारधारा है, जो हमेशा लोकतंत्र के चारो स्तम्भ को मान्यता देने एवं जनता सर्वोपरि की विचारों का प्रतिनिधित्वकत्र्ता है। आप सभी हमारे साथ जुड़े अपने तन, मन व धन से हमें ताकत दें जिससे कि हम आप (जनता) के लिए आप (जनता) के द्वारा, आप (जनता) के आदेशों पर केन्द्र से सवाल करते हुए एक पूर्ण लोकतंत्र बना सकें।
Navneet Mishra is a seasoned journalist currently associated with Nirbhik India and its digital portal, nirbhikindia.in. With over six years of experience across print and digital platforms, Navneet specializes in politics, sports, economics, and geopolitics.
A Master’s graduate in Mass Communication from Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University, he is also a dedicated media scholar. His academic research focuses on “the pivotal role of Gorakhpur’s Hindi newspapers during the Indian freedom struggle against the British Crown”. Before joining Nirbhik India, Navneet spent five years at Adarsh Jeevan and gained valuable field experience at Amar Ujala Gorakhpur as training reporter only for 5 days.
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नवनीत मिश्रा वर्तमान में ‘निर्भीक इंडिया’ मीडिया समूह से जुड़े हैं। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। पत्रकारिता के अपने 6 वर्षों के सफर में उन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों डेस्क पर काम किया है। उनके शोध का विषय ब्रिटिश शासन के खिलाफ गोरखपुर के अखबारों का योगदान रहा है, जो उनकी ऐतिहासिक समझ को दर्शाता है। वे राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मामलों (Geopolitics) पर निरंतर लिखते रहे हैं। ‘आदर्श जीवन’ दैनिक में 5 साल का कार्यकाल और ‘अमर उजाला’ गोरखपुर में ट्रेनिंग रिपोर्टिंग के तौर पर मात्र 5 दिन काम क्या है उनकी लेखनी को और भी निखारता है।

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