खोराबार में यूपी गैंगस्टर एक्ट (UP Gangster Act) का वांछित अपराधी गिरफ्तार
गोरखपुर: उत्तर प्रदेश में संगठित अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे जीरो टॉलरेंस अभियान के तहत गोरखपुर पुलिस (Gorakhpur police) को एक बड़ी और महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। जिले के खोराबार थाना पुलिस ने यूपी गैंगस्टर एक्ट (UP Gangster Act) के तहत वांछित एक कुख्यात और शातिर अपराधी को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के सख्त निर्देशों और अपराध नियंत्रण की दिशा में उठाए गए कड़े कदमों का परिणाम है, जिससे क्षेत्र में सक्रिय आपराधिक तत्वों में भारी हड़कंप मचा हुआ है।

यूपी गैंगस्टर एक्ट (UP Gangster Act) के तहत हुई बड़ी कार्रवाई
पुलिस द्वारा दी गई आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, थानाध्यक्ष खोराबार के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में पुलिस टीम इलाके में सघन चेकिंग और वाछिंत अपराधियों की धरपकड़ का अभियान चला रही थी। इसी दौरान उप-निरीक्षक (उ.नि.) आशुतोष सिंह और उनकी मुस्तैद पुलिस टीम ने थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु.अ.सं. 349/2026 में वांछित मुख्य अभियुक्त को धर दबोचा।
इस अपराधी के खिलाफ धारा 2(b)(i)(xi) व 3(1) उ.प्र. गिरोह बन्द एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1986 यानी यूपी गैंगस्टर एक्ट (UP Gangster Act) के तहत संगीन मामला दर्ज था और पुलिस लंबे समय से इसकी तलाश कर रही थी।
गिरफ्तार किए गए अभियुक्त की पहचान अनिल उर्फ करन यादव (पुत्र रामलगन यादव) के रूप में हुई है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, आरोपी अनिल मूल रूप से जयपुर जोधपुर बाजार भौवापार, थाना खोराबार, जनपद गोरखपुर का ही स्थायी निवासी है। यह अपने क्षेत्र में लगातार आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहा था, जिसके चलते प्रशासन को इसके खिलाफ यह सख्त कदम उठाना पड़ा।
यूपी गैंगस्टर एक्ट (UP Gangster Act) क्या है और यह क्यों लगाया जाता है? (People Also Search For)
इंटरनेट पर अक्सर आम नागरिक और युवा खोजते हैं कि यूपी गैंगस्टर एक्ट (UP Gangster Act) क्या होता है और पुलिस इसे किन अपराधियों पर लगाती है। विधिक और पुलिस मामलों के जानकारों के अनुसार, जब कोई अपराधी या अपराधियों का समूह संगठित रूप से (organized crime) और आर्थिक लाभ के लिए लगातार समाज विरोधी गतिविधियों को अंजाम देता है, तो उस पर यह सख्त कानून लागू किया जाता है।
इस अधिनियम के तहत पुलिस प्रशासन को अपराधी की अवैध रूप से अर्जित संपत्ति कुर्क (seize) करने और उसकी जमानत प्रक्रिया को अत्यंत कड़ा करने का विशेष कानूनी अधिकार मिल जाता है। गोरखपुर पुलिस (Gorakhpur police) भी जिले को अपराध मुक्त बनाने के लिए लगातार ऐसे शातिर बदमाशों को चिह्नित कर उन पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई कर रही है।
अभियुक्त का लंबा आपराधिक इतिहास (criminal history)
पुलिस की आधिकारिक जांच में गिरफ्तार अभियुक्त अनिल उर्फ करन यादव का एक लंबा और बेहद गंभीर आपराधिक इतिहास (criminal history) सामने आया है। इसके खिलाफ मारपीट, जानलेवा हमला, डराने-धमकाने और अवैध रूप से संपत्ति अर्जित करने जैसे गंभीर अपराधों में कई मुकदमे पहले से ही दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इसके खिलाफ दर्ज मुकदमों का विस्तृत विवरण इस प्रकार है:
- मु.अ.सं.-754/22: धारा-308, 323, 506 भादवि (IPC), थाना-खोराबार, गोरखपुर।
- मु.अ.सं.-716/25: धारा-310(4) बीएनएस (BNS), थाना-खोराबार, जनपद-गोरखपुर।
- मु.अ.सं.-453/25: धारा-331(4), 305, 317(2) बीएनएस, थाना-खोराबार।
- मु.अ.सं.-688/25: धारा-305(a), 331(4), 317(2) बीएनएस, थाना-खोराबार।
- मु.अ.सं.-636/25: धारा-305(a), 317(2) बीएनएस, थाना-खोराबार।
- मु.अ.सं.-349/2026: धारा-2(ख)(i)(xi) व 3(1) यूपी गैंगस्टर एक्ट (UP Gangster Act), थाना-खोराबार।
बार-बार गंभीर अपराधों को अंजाम देने के कारण ही इसके खिलाफ नए भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अंततः गैंगस्टर एक्ट के तहत शिकंजा कसा गया है।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम का विवरण
इस शातिर अपराधी को पकड़ने और समाज में शांति व्यवस्था कायम करने में खोराबार थाने की पुलिस टीम का अहम योगदान रहा। गिरफ्तारी करने वाली इस विशेष टीम में उप-निरीक्षक आशुतोष सिंह, कांस्टेबल पिन्टू चौहान और कांस्टेबल अशोक कुमार गौड़ शामिल थे। गोरखपुर पुलिस (Gorakhpur police) की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई से इलाके की आम जनता ने राहत की सांस ली है।
वर्तमान में पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार अभियुक्त के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्यवाही (legal proceedings) पूरी की जा रही है, जिसके बाद उसे सक्षम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर आगे की न्यायिक प्रक्रिया के लिए जेल भेजा जाएगा। प्रशासन का यह स्पष्ट संदेश है कि जिले में संगठित अपराध करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।

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