गोरखपुर समाचारउत्तर प्रदेश

CM Grid Gorakhpur पर नगर आयुक्त के निर्देश, निर्भीक इंडिया

गोरखपुर (निर्भीक इंडिया ब्यूरो): गोरखपुर सीएम ग्रिड योजना (CM Grid Gorakhpur), शहर की जल निकासी व्यवस्था, आगामी शीत ऋतु के लिए रैन बसेरों के संचालन और लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा की तैयारियों को लेकर नगर आयुक्त गौरव रंजन श्रीवास्तव ने निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ मैराथन समीक्षा बैठक की।

गोरखपुर सीएम ग्रिड योजना (CM Grid Gorakhpur): स्मार्ट सड़कों के निर्माण में तेजी और गुणवत्ता के कड़े निर्देश
CM Grid Gorakhpur पर नगर आयुक्त के निर्देश, निर्भीक इंडिया

बैठक में अपर नगर आयुक्त, मुख्य अभियंता, समस्त अधिशासी अभियंता (Executive Engineers), सहायक अभियंता (AE) एवं अवर अभियंता (JE) उपस्थित रहे। समीक्षा बैठक के दौरान गोरखपुर नगर निगम निर्माण विभाग (Gorakhpur Nagar Nigam Construction) द्वारा महानगर के सभी 80 वार्डों में कराए जा रहे विभिन्न विकास कार्यों की बिंदुवार प्रगति जांची गई।

नगर आयुक्त ने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया कि जनहित से जुड़े किसी भी निर्माण कार्य में अनावश्यक देरी या गुणवत्ता के साथ समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी लंबित निविदाओं (Tenders) को तत्काल फाइनल कर धरातल पर काम शुरू कराने और निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

एक तरफ जहां त्योहारों का सीजन चरम पर है, वहीं दूसरी ओर सर्दियों की दस्तक और स्मार्ट रोड प्रोजेक्ट्स की डेडलाइन भी नजदीक है। निर्भीक इंडिया (Nirbhik India News) की इस विशेष रिपोर्ट में जानिए कि नगर आयुक्त ने समीक्षा बैठक में किन 6 प्रमुख बिंदुओं पर अधिकारियों की जवाबदेही तय की है और शहरवासियों को क्या-क्या नई सुविधाएं मिलने जा रही हैं।

गोरखपुर सीएम ग्रिड योजना (CM Grid Gorakhpur): स्मार्ट सड़कों के निर्माण में तेजी और गुणवत्ता के कड़े निर्देश

बैठक का सबसे प्रमुख एजेंडा मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम यानी सीएम ग्रिड योजना के अंतर्गत चल रहे कार्यों की समीक्षा रहा। नगर आयुक्त ने निर्देशित किया कि इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत चल रहे सड़क एवं भूमिगत यूटिलिटी डक्ट निर्माण कार्यों में तेजी लाते हुए उन्हें निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराया जाए।

उल्लेखनीय है कि राप्तीनगर में बनी पहली स्मार्ट सड़क की सफलता के बाद अब सीएम ग्रिड फेज-2 के तहत गोलघर क्षेत्र की प्रमुख सड़कों शास्त्री चौक से छात्रसंघ चौराहा वाया अंबेडकर चौक, अंबेडकर चौक से एस्प्रा तिराहा वाया हरिओमनगर तिराहा और हरिओमनगर से टाउनहाल वाया कचहरी चौक तक 2.37 किलोमीटर लंबी स्मार्ट सड़क का निर्माण 27 करोड़ रुपये की लागत से कराया जा रहा है।

इसके अलावा विभिन्न चरणों में 116 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से शहर की सड़कों का कायाकल्प हो रहा है, जबकि नगर निगम के राजस्व में 109 प्रतिशत की रिकॉर्ड वृद्धि के चलते चौथे चरण के लिए भी 100 करोड़ रुपये का अनुदान सुरक्षित हुआ है।

टेंडर फाइनल करने, जल निकासी और कार्यकारिणी व सदन के प्रस्तावों पर फोकस

नगर आयुक्त ने निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए निविदा प्रक्रिया और क्षेत्रीय पर्यवेक्षण पर निम्नलिखित निर्देश जारी किए:

  • लंबित टेंडरों का त्वरित निस्तारण: नगर आयुक्त ने निर्देशित किया कि सभी स्वीकृत निर्माण कार्यों की निविदा प्रक्रिया (Tendering Process) समय से पूर्ण कराते हुए टेंडर तत्काल फाइनल किए जाएं, जिससे धरातल पर कार्यों को बिना किसी देरी के प्रारंभ कराया जा सके।
  • कार्यकारिणी एवं सदन के प्रस्ताव: नगर निगम कार्यकारिणी और सदन की बैठकों में पार्षदों द्वारा रखे गए एवं बोर्ड द्वारा स्वीकृत प्रस्तावों के सापेक्ष लंबित कार्यों की निविदा प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कराते हुए समयबद्ध रूप से कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए गए।
  • जल निकासी कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता: महानगर के निचले इलाकों और नए शामिल वार्डों में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान हेतु जल निकासी (Drainage) संबंधी नाला एवं नाली निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराने पर विशेष जोर दिया गया।
  • अधिशासी अभियंताओं द्वारा नियमित मॉनिटरिंग: समस्त अधिशासी अभियंताओं को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने जोन और क्षेत्रों में संचालित निर्माण कार्यों का स्वयं निरंतर स्थलीय पर्यवेक्षण करें। गौरतलब है कि अभी दो दिन पूर्व ही झूलेलाल रैन बसेरा के पास निर्माणाधीन गेस्ट हाउस व आवासीय भवन में बिना सूचना कॉलम कास्टिंग कराने और लापरवाही बरतने पर नगर निगम ने ठेकेदार पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाते हुए री-बाउंड हैमर टेस्टिंग के आदेश दिए थे।

गोरखपुर सीएम ग्रिड योजना (CM Grid Gorakhpur) के साथ शीत ऋतु के लिए रैन बसेरों को दुरुस्त करने का आदेश

समीक्षा बैठक में नगर आयुक्त ने आगामी सर्दियों के मौसम को देखते हुए मानवीय दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। उन्होंने शीत ऋतु हेतु रैन बसेरों की व्यवस्था (Gorakhpur Night Shelters Winter) को अभी से पूरी तरह चाक-चौबंद करने का आदेश दिया है।

नगर आयुक्त ने निर्देशित किया कि शहर के सभी स्थायी और अस्थायी रैन बसेरों में आवश्यक सामग्री जैसे साफ गद्दे, रजाई, कंबल, चादर, तकिया, रूम हीटर, शुद्ध पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, प्राथमिक उपचार किट और स्वच्छ शौचालयों की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए उन्हें व्यवस्थित रूप से संचालित कराया जाए, ताकि ठंड के दिनों में किसी भी जरूरतमंद, असहाय एवं निराश्रित व्यक्ति को खुले में रात न बितानी पड़े। विदित हो कि महानगर में रेलवे स्टेशन, बस अड्डा और कचहरी जैसे प्रमुख स्थलों पर संचालित शेल्टर होम्स के अलावा नगर निगम द्वारा 7 करोड़ रुपये की लागत से दो नए रैन बसेरों का निर्माण भी कराया जा रहा है।

गोरखपुर सीएम ग्रिड योजना (CM Grid Gorakhpur) व आगामी छठ पूजा: घाटों पर चाक-चौबंद व्यवस्था के निर्देश

निर्माण कार्यों के साथ-साथ नगर आयुक्त की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा की तैयारियों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। नगर आयुक्त ने गोरखपुर छठ पूजा की तैयारियां (Gorakhpur Chhath Puja Preparations) समय से पूर्ण करने के लिए संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की है।

उन्होंने निर्देशित किया कि छठ महापर्व को सकुशल, सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सुविधाजनक ढंग से संपन्न कराने के लिए महानगर के सभी नदी घाटों, तालों और कृत्रिम पोखरों पर साफ-सफाई, प्रकाश और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम समय रहते पूरे कर लिए जाएं।

निर्भीक इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, गोरखपुर में राप्ती नदी के राजघाट (गुरु गोरक्षनाथ घाट व रामघाट), रामगढ़ताल नौकायन, तकिया घाट के कृत्रिम तालाब, शंकरघाट, विष्णु मंदिर, बिछिया, खरैया पोखरा, शाहपुर और महेसरा ताल समेत दर्जनों स्थानों पर लाखों श्रद्धालु अर्घ्य देने जुटते हैं। इसके लिए घाटों का समतलीकरण, एप्रोच मार्गों की मरम्मत, गहरे पानी में बैरिकेडिंग, महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम, मोबाइल टॉयलेट और हाईमास्ट लाइटों की व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

गोरखपुर सीएम ग्रिड योजना (CM Grid Gorakhpur) एवं समीक्षा बैठक: प्रमुख निर्देशों का मास्टर चार्ट

समीक्षा बैठक में नगर आयुक्त द्वारा जारी किए गए प्रमुख दिशा-निर्देशों और प्राथमिकताओं का विवरण नीचे तालिका में दिया गया है:

समीक्षा का प्रमुख बिंदुनगर आयुक्त द्वारा दिए गए मुख्य निर्देशजिम्मेदार अधिकारी / अनुभाग
1. सीएम ग्रिड योजना (CM GRID)स्मार्ट सड़क व यूटिलिटी डक्ट निर्माण कार्यों में तेजी लाकर तय समय में गुणवत्तापूर्ण पूर्णतामुख्य अभियंता एवं संबंधित अधिशासी अभियंता
2. निविदा प्रक्रिया (Tendering)सभी निर्माण कार्यों व सदन/कार्यकारिणी से स्वीकृत प्रस्तावों के टेंडर शीघ्र फाइनल कर काम शुरू करानामुख्य अभियंता, अधिशासी अभियंता व टेंडर सेल
3. जल निकासी (Drainage Works)नाला-नाली निर्माण व जल निकासी कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर त्वरित गति से पूर्ण करानासमस्त जोनल अधिशासी, सहायक व अवर अभियंता
4. गुणवत्ता एवं पर्यवेक्षणअपने-अपने क्षेत्रों में चल रहे सरकारी योजनाओं के निर्माण कार्यों का निरंतर स्थलीय निरीक्षण व मानक जांचसमस्त अधिशासी अभियंता (Executive Engineers)
5. शीतकालीन रैन बसेरा संचालनसभी रैन बसेरों में गद्दे, कंबल, पेयजल, रोशनी व मूलभूत सुविधाएं जुटाकर सुव्यवस्थित संचालनअपर नगर आयुक्त एवं संबंधित जोनल अधिकारी
6. आगामी छठ पूजा तैयारियांराप्ती तट, रामगढ़ताल व कृत्रिम पोखरों की सफाई, पथ प्रकाश, बैरिकेडिंग व चेंजिंग रूम समय से पूर्ण करनानिर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग व पथ प्रकाश अनुभाग

गौरतलब है कि सीएम ग्रिड योजना के तहत बन रही स्मार्ट सड़कों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इनमें बिजली के तार, ऑप्टिकल फाइबर केबल, पेयजल पाइपलाइन और गैस पाइपलाइन के लिए सड़क के दोनों ओर भूमिगत यूटिलिटी डक्ट (Underground Utility Duct) बनाए जाते हैं, जिससे भविष्य में सड़क को बार-बार खोदने की जरूरत नहीं पड़ती।

इसके साथ ही पैदल यात्रियों के लिए चौड़े फुटपाथ, स्टॉर्म वाटर ड्रेन, सोलर स्ट्रीट लाइट, ग्रीन बेल्ट और व्यवस्थित पार्किंग का निर्माण किया जाता है। राप्तीनगर की स्मार्ट सड़क से नगर निगम को विज्ञापन, पार्किंग और यूटिलिटी किराए के रूप में सालाना करीब 2 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होने का अनुमान है, जो निगम को आत्मनिर्भर बनाएगा।

वहीं कार्यकारिणी और सदन से स्वीकृत प्रस्तावों की निविदा प्रक्रिया तेज होने से महानगर के सभी 80 वार्डों में रुके हुए सड़क, खड़ंजा, इंटरलॉकिंग और नाली निर्माण कार्यों को नई गति मिलेगी। नगर आयुक्त ने अंत में स्पष्ट किया कि जनहित के कार्यों को तय मानकों पर पूरा कराना प्रत्येक अभियंता की जिम्मेदारी है।

गोरखपुर सीएम ग्रिड योजना (CM Grid Gorakhpur) व नगर निगम समीक्षा से जुड़े सामान्य सवाल (PAA)

Q1: गोरखपुर नगर निगम की निर्माण विभाग समीक्षा बैठक में किन मुख्य योजनाओं पर जोर दिया गया? नगर आयुक्त ने सीएम ग्रिड योजना के तहत बन रही स्मार्ट सड़कों, जल निकासी परियोजनाओं, कार्यकारिणी व सदन से स्वीकृत प्रस्तावों के टेंडर फाइनल करने, शीतकालीन रैन बसेरों और छठ पूजा की तैयारियों को समय से पूरा करने के निर्देश दिए।

Q2: सीएम ग्रिड फेज-2 के तहत गोरखपुर में किन प्रमुख सड़कों को स्मार्ट बनाया जा रहा है? सीएम ग्रिड फेज-2 के अंतर्गत शास्त्री चौक से छात्रसंघ चौराहा वाया अंबेडकर चौक, अंबेडकर चौक से एस्प्रा तिराहा वाया हरिओमनगर और हरिओमनगर से टाउनहाल वाया कचहरी चौक तक 2.37 किमी सड़क को 27 करोड़ रुपये से स्मार्ट बनाया जा रहा है।

Q3: आगामी शीत ऋतु को देखते हुए रैन बसेरों के लिए क्या निर्देश दिए गए हैं? नगर आयुक्त ने निर्देश दिया है कि ठंड शुरू होने से पहले शहर के सभी रैन बसेरों में आवश्यक सामग्री, बिस्तर, कंबल, पेयजल, प्रकाश और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित कर उन्हें व्यवस्थित रूप से संचालित किया जाए।

Q4: छठ महापर्व को लेकर नगर निगम गोरखपुर क्या तैयारियां कर रहा है? छठ पूजा को सकुशल और सुविधाजनक ढंग से संपन्न कराने के लिए राप्ती नदी घाटों, रामगढ़ताल और मोहल्लों के कृत्रिम तालाबों की सफाई, समतलीकरण, एप्रोच रोड मरम्मत, पर्याप्त रोशनी और सुरक्षा बैरिकेडिंग समय से पूरी करने के आदेश दिए गए हैं।

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Navneet Mishra

Navneet Mishra is a seasoned journalist currently associated with Nirbhik India and its digital portal, nirbhikindia.in. With over six years of experience across print and digital platforms, Navneet specializes in politics, sports, economics, and geopolitics.
A Master’s graduate in Mass Communication from Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University, he is also a dedicated media scholar. His academic research focuses on “the pivotal role of Gorakhpur’s Hindi newspapers during the Indian freedom struggle against the British Crown”. Before joining Nirbhik India, Navneet spent five years at Adarsh Jeevan and gained valuable field experience at Amar Ujala Gorakhpur as training reporter only for 5 days.
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नवनीत मिश्रा वर्तमान में ‘निर्भीक इंडिया’ मीडिया समूह से जुड़े हैं। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। पत्रकारिता के अपने 6 वर्षों के सफर में उन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों डेस्क पर काम किया है। उनके शोध का विषय ब्रिटिश शासन के खिलाफ गोरखपुर के अखबारों का योगदान रहा है, जो उनकी ऐतिहासिक समझ को दर्शाता है। वे राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मामलों (Geopolitics) पर निरंतर लिखते रहे हैं। ‘आदर्श जीवन’ दैनिक में 5 साल का कार्यकाल और ‘अमर उजाला’ गोरखपुर में ट्रेनिंग रिपोर्टिंग के तौर पर मात्र 5 दिन काम क्या है उनकी लेखनी को और भी निखारता है।

Navneet Mishra

Navneet Mishra is a seasoned journalist currently associated with Nirbhik India and its digital portal, nirbhikindia.in. With over six years of experience across print and digital platforms, Navneet specializes in politics, sports, economics, and geopolitics. A Master’s graduate in Mass Communication from Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University, he is also a dedicated media scholar. His academic research focuses on "the pivotal role of Gorakhpur’s Hindi newspapers during the Indian freedom struggle against the British Crown". Before joining Nirbhik India, Navneet spent five years at Adarsh Jeevan and gained valuable field experience at Amar Ujala Gorakhpur as training reporter only for 5 days. ---------------------------------------------------------------------------------- नवनीत मिश्रा वर्तमान में 'निर्भीक इंडिया' मीडिया समूह से जुड़े हैं। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। पत्रकारिता के अपने 6 वर्षों के सफर में उन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों डेस्क पर काम किया है। उनके शोध का विषय ब्रिटिश शासन के खिलाफ गोरखपुर के अखबारों का योगदान रहा है, जो उनकी ऐतिहासिक समझ को दर्शाता है। वे राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मामलों (Geopolitics) पर निरंतर लिखते रहे हैं। 'आदर्श जीवन' दैनिक में 5 साल का कार्यकाल और 'अमर उजाला' गोरखपुर में ट्रेनिंग रिपोर्टिंग के तौर पर मात्र 5 दिन काम क्या है उनकी लेखनी को और भी निखारता है।

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