गोरखपुर समाचारउत्तर प्रदेश

Gorakhpur Smart City पर आई सख्त डेडलाइन : निर्भीक इंडिया

गोरखपुर (निर्भीक इंडिया ब्यूरो): गोरखपुर स्मार्ट सिटी परियोजना (Gorakhpur Smart City) और नगरीय अवस्थापना विकास के तहत महानगर में चल रहे चार बड़े निर्माण कार्यों की रफ्तार परखने के लिए नगर आयुक्त गौरव रंजन श्रीवास्तव ने 24 अक्टूबर 2026 को सुबह 08:00 बजे से मैराथन स्थलीय निरीक्षण किया।

आगामी दीपावली महापर्व से पहले शहरवासियों को आधुनिक बुनियादी सुविधाओं की सौगात देने के उद्देश्य से नगर आयुक्त ने तालनदौर में निर्माणाधीन कान्हा उपवन गौशाला, लालडिग्गी पार्क के सौंदर्यीकरण कार्य, रानीडीहा में निर्माणाधीन जोनल कार्यालय और 75 बेड वाले वर्किंग वूमेन हॉस्टल की जमीनी प्रगति जांची।

निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त के साथ अपर नगर आयुक्त श्री गौरव रंजन श्रीवास्तव, मुख्य अभियंता तथा कार्यदायी संस्था कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सी एण्ड डीएस, उत्तर प्रदेश जल निगम नगरीय) के संबंधित अभियंता श्री ओ.पी. यादव और श्री के.एम. सिंह मौके पर उपस्थित रहे। नगर आयुक्त ने निर्माण कार्यों में किसी भी स्तर पर ढिलाई न बरतने की सख्त हिदायत देते हुए शाम 07:00 बजे तक बिंदुवार समयबद्ध कार्ययोजना (Action Plan) तलब की है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित लोकार्पण कार्यक्रमों और त्योहारी समय-सीमा को देखते हुए नगर निगम प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। निर्भीक इंडिया (Nirbhik India News) की इस विशेष रिपोर्ट में जानिए कि गोरखपुर के इन चारों प्रमुख प्रोजेक्ट्स का कितना काम पूरा हो चुका है, कितनी लागत आ रही है और इन्हें पूरा करने के लिए क्या नई डेडलाइन तय की गई है।

गोरखपुर स्मार्ट सिटी परियोजना (Gorakhpur Smart City): तालनदौर कान्हा उपवन गौशाला का 90% कार्य पूर्ण

नगर आयुक्त ने अपने निरीक्षण की शुरुआत सुबह सबसे पहले तालनदौर में बन रही वृहद गौशाला से की। निराश्रित गोवंश के संरक्षण और बेहतर देखभाल के लिए विकसित की जा रही तालनदौर कान्हा उपवन गौशाला (Kanha Upvan Gaushala Talnandaur) के निरीक्षण के दौरान सी एण्ड डीएस के अभियंता श्री ओ.पी. यादव ने अवगत कराया कि गौशाला का लगभग 90 प्रतिशत सिविल निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। वर्तमान में परिसर को जोड़ने वाली लगभग 2.5 किलोमीटर लंबी सीसी (CC) सड़क का निर्माण कार्य शेष है।

नगर आयुक्त ने गौशाला परिसर में निर्मित पशु चिकित्सालय (डिस्पेंसरी), प्रसूति शेड (बर्थ शेड), बछड़ों के लिए बनाए गए दो विशेष शेड, विशाल भूसा घर तथा गायों के रहने के लिए निर्मित छह बड़े शेडों का बारीकी से जायजा लिया। मौके पर उन्होंने कार्यदायी संस्था और निगम अधिकारियों को निम्नलिखित कड़े निर्देश दिए:

  • 2.5 किमी सीसी रोड का निर्माण: गौशाला से जुड़ने वाली लगभग 2.5 किलोमीटर लंबी सीसी सड़क का निर्माण कार्य तीन दिवस के भीतर हर हाल में प्रारंभ कराया जाए।
  • शेडों का अवशेष कार्य: परिसर में निर्मित बर्थ शेड, बछड़ों के दोनों शेड एवं गायों के छह शेडों में चल रहे शेष फिनिशिंग कार्य को आगामी 10 दिवस के भीतर पूर्ण किया जाए।
  • प्रकाश व्यवस्था: रात्रिकालीन सुरक्षा और रोशनी के लिए गौशाला परिसर में प्रस्तावित 03 हाईमास्ट लाइट तथा 25 स्ट्रीट लाइटों को तत्काल स्थापित कराया जाए।
  • तीन तालाबों का निर्माण: गायों के शेड के ठीक सामने पेयजल और प्राकृतिक वातावरण के लिए प्रस्तावित तीन तालाबों का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा किया जाए।
  • संचालन हेतु ईओआई (EOI): अपर नगर आयुक्त श्री गौरव रंजन श्रीवास्तव को निर्देशित किया गया कि वे गौशाला के सुचारु संचालन, दैनिक साफ-सफाई और नियमित रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए तत्काल अभिरुचि की अभिव्यक्ति (EOI) जारी कराएं।
  • दीपावली पूर्व पूर्णता: नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि गौशाला के समस्त अवशेष निर्माण कार्य दीपावली से पूर्व प्रत्येक दशा में पूर्ण करा लिए जाएं।

लालडिग्गी पार्क का सौंदर्यीकरण: 15 नवंबर 2026 तक हर हाल में काम पूरा करने का निर्देश

तालनदौर के पश्चात नगर आयुक्त ने राज्य स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत नगर निगम क्षेत्र के ऐतिहासिक लालडिग्गी पार्क में कराए जा रहे सौंदर्यीकरण एवं पुनर्विकास कार्यों का निरीक्षण किया। शहर के प्रमुख पर्यटन और मनोरंजन केंद्र के रूप में संवर रहे इस पार्क में कई प्रमुख संरचनाएं लगभग तैयार मिलीं।

निरीक्षण के दौरान पार्क में निर्मित आकर्षक आर्केड, गजीबो (Gazebo), ओपन एयर थिएटर (OAT) सीटिंग एरिया, इलेक्ट्रिक रूम, तालाब (पॉण्ड) की रिटेनिंग वॉल तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से जुड़े कार्य लगभग पूर्ण पाए गए। वहीं पार्क के दोनों भव्य प्रवेश द्वार (गेट), कैंटीन, आंतरिक सड़क, नाली, हॉर्टिकल्चर (बागवानी) और आकर्षक स्ट्रीट लाइट लगाने से संबंधित कार्य प्रगति पर मिले।

नगर आयुक्त ने मौके पर उपस्थित यूनिट-42, सी एण्ड डीएस, उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय), गोरखपुर के स्थानीय अभियंता श्री के.एम. सिंह को सख्त निर्देश दिए कि श्रमिकों की संख्या बढ़ाकर योजना के समस्त अवशेष कार्य 15 नवंबर 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कराए जाएं।

रानीडीहा जोनल कार्यालय और गोरखपुर स्मार्ट सिटी परियोजना (Gorakhpur Smart City): ₹10.71 करोड़ से सुधरेगी नागरिक सेवा

निरीक्षण के तीसरे चरण में नगर आयुक्त रानीडीहा पहुंचे, जहां राज्य स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत अत्याधुनिक जोनल कार्यालय भवन का निर्माण कराया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत राप्तीनगर फेज-4 व रानीडीहा क्षेत्र में 2076.93 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में करीब 10.71 करोड़ रुपये की लागत से जोन-01 का यह बहुमंजिला नगरीय सुविधा केंद्र एवं जोनल कार्यालय बनाया जा रहा है।

स्थलीय निरीक्षण के दौरान भवन का बेसमेंट पार्किंग एरिया, सभी मंजिलों के छत स्लैब तथा बाउंड्रीवाल का निर्माण कार्य पूर्ण पाया गया। हालांकि भवन की आंतरिक व बाहरी फिनिशिंग, एप्रोच सड़क और नाली निर्माण का कार्य अभी प्रगति पर मिला। नगर आयुक्त ने सी एण्ड डीएस यूनिट-42 के स्थानीय अभियंता श्री के.एम. सिंह को निर्देशित किया कि जोनल कार्यालय के सभी अवशेष निर्माण कार्य दीपावली से पूर्व प्रत्येक दशा में पूर्ण कराए जाएं, ताकि क्षेत्रीय नागरिकों को गृहकर, जलकर और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जैसी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिल सकें।

गोरखपुर स्मार्ट सिटी परियोजना (Gorakhpur Smart City) व नगरोदय योजना: ₹18.26 करोड़ के वर्किंग वूमेन हॉस्टल की फिनिशिंग तेज

इसके पश्चात नगर आयुक्त ने मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना के अंतर्गत गोरखपुर-देवरिया बाइपास रोड पर पाम पैराडाइज के निकट निर्माणाधीन गोरखपुर वर्किंग वूमेन हॉस्टल (Gorakhpur Working Women Hostel) का निरीक्षण किया। कामकाजी महिलाओं और युवतियों को सुरक्षित एवं आधुनिक आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 18.26 करोड़ रुपये की स्वीकृत लागत से 75 बेड क्षमता वाला भूतल सहित चार मंजिला (G+4 यानी पांच मंजिला) भवन बनाया जा रहा है।

प्राप्त जानकारी और स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, इस परियोजना को मूल रूप से जून 2027 तक पूरा किया जाना था, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित लोकार्पण के मद्देनजर इसकी समय-सीमा पहले ही घटा दी गई है।

निरीक्षण के दौरान भवन का पूरा स्ट्रक्चरल ढांचा निर्मित पाया गया, जबकि फ्लोर टाइल्स, दरवाजे, आधुनिक फर्नीचर, पेयजल आपूर्ति, विद्युत वायरिंग, फायर फाइटिंग सिस्टम (अग्निशमन व्यवस्था), ब्रिक क्लैडिंग और जीआरसी (GRC) जाली लगाने के कार्य प्रगति पर मिले। नगर आयुक्त ने अभियंता श्री के.एम. सिंह को निर्देश दिया कि अतिरिक्त संसाधन लगाकर हॉस्टल के समस्त अवशेष एवं फिनिशिंग कार्य दीपावली से पूर्व हर हाल में पूर्ण कराए जाएं।

गोरखपुर स्मार्ट सिटी परियोजना (Gorakhpur Smart City): चारों प्रमुख प्रोजेक्ट्स की प्रगति और डेडलाइन का मास्टर चार्ट

नगर आयुक्त द्वारा किए गए स्थलीय निरीक्षण और जारी समय-सीमा का संपूर्ण सारांश नीचे दी गई तालिका में प्रस्तुत है:

परियोजना का नाम व स्थानसंबंधित योजना व विशेषतापूर्ण हो चुके कार्यप्रगतिशील (अवशेष) कार्यनिर्धारित अंतिम डेडलाइन
1. कान्हा उपवन गौशाला, तालनदौरगोवंश आश्रय योजना (90% कार्य पूर्ण)डिस्पेंसरी, बर्थ शेड, 2 बछड़ा शेड, भूसा घर, 6 गाय शेड2.5 किमी सीसी रोड, 3 तालाब, 3 हाईमास्ट व 25 स्ट्रीट लाइटदीपावली से पूर्व (रोड कार्य 3 दिन व शेड 10 दिन में)
2. लालडिग्गी पार्क सौंदर्यीकरणराज्य स्मार्ट सिटी योजनाआर्केड, गजीबो, OAT सीटिंग, इलेक्ट्रिक रूम, पॉण्ड वॉल, रेन वाटर हार्वेस्टिंग2 मुख्य गेट, कैंटीन, आंतरिक सड़क, नाली, बागवानी व स्ट्रीट लाइट15 नवंबर 2026 तक
3. रानीडीहा जोनल कार्यालयराज्य स्मार्ट सिटी योजना (₹10.71 करोड़ लागत)बेसमेंट, सभी तलों के स्लैब एवं बाउंड्रीवाल का निर्माणभवन की फिनिशिंग, एप्रोच सड़क एवं नाली निर्माण कार्यदीपावली से पूर्व
4. वर्किंग वूमेन हॉस्टलमुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना (75 बेड, G+4, ₹18.26 करोड़)भूतल सहित चार मंजिला (G+4) स्ट्रक्चरल ढांचा पूर्णटाइल्स, दरवाजे, फर्नीचर, जलापूर्ति, बिजली, फायर सिस्टम, GRC व क्लैडिंगदीपावली से पूर्व
शाम 7 बजे तक एक्शन प्लान तलब: प्रतिदिन होगी मॉनिटरिंग और जवाबदेही तय

निरीक्षण के अंत में नगर आयुक्त ने गोरखपुर नगर निगम के विकास प्रोजेक्ट्स (Gorakhpur Nagar Nigam Projects) से जुड़े सभी अधिकारियों और कार्यदायी संस्था के अभियंताओं को कड़े निर्देश दिए। निर्भीक इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, नगर आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

नगर आयुक्त ने सी एण्ड डीएस के अभियंता श्री ओ.पी. यादव एवं श्री के.एम. सिंह को निर्देशित किया कि वे अपनी-अपनी परियोजनाओं के अंतर्गत शेष बचे निर्माण कार्यों की बिंदुवार (Point-wise) सूची तैयार करें और प्रत्येक बिंदु की समय-सीमा तय करते हुए दीपावली से पूर्व काम पूरा कराने का विस्तृत एक्शन प्लान शाम 07:00 बजे तक अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें। इसके साथ ही स्वीकृत कार्ययोजना के सापेक्ष प्रतिदिन के लक्ष्यों की मॉनिटरिंग कर दैनिक प्रगति रिपोर्ट नगर आयुक्त के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

गौरतलब है कि गोरखपुर नगर निगम ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1878 करोड़ रुपये का अब तक का सबसे बड़ा ऐतिहासिक बजट पारित किया है, जिसके माध्यम से महानगर के सभी 80 वार्डों में अवस्थापना सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।

वर्तमान में नगर निगम के सभी 80 वार्डों को प्रशासनिक सुगमता के लिए पांच जोन में विभाजित किया गया है। गोरखपुर स्मार्ट सिटी परियोजना (Gorakhpur Smart City) और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत बन रहे नए जोनल कार्यालयों के शुरू होने से नागरिकों को मुख्य नगर निगम मुख्यालय की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।

इसी प्रकार तालनदौर गौशाला के पूर्ण होने से शहर की सड़कों पर निराश्रित गोवंश की समस्या का स्थायी समाधान होगा और पशुपालन व गो-सेवा को एक नई दिशा मिलेगी। वहीं देवरिया बाइपास पर बन रहे आधुनिक वर्किंग वूमेन हॉस्टल से गोरखपुर में सरकारी व निजी क्षेत्र में नौकरी तथा उच्च शिक्षा के लिए आने वाली पूर्वांचल की कामकाजी महिलाओं और छात्राओं को सुरक्षित, किफायती तथा सर्वसुविधायुक्त आवास उपलब्ध हो सकेगा।

इसके अलावा लालडिग्गी पार्क का नया आधुनिक स्वरूप शहरवासियों के स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय पर्यटन और पारिवारिक मनोरंजन के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र साबित होगा। नगर निगम प्रशासन द्वारा इन सभी विकास परियोजनाओं को तय समय में जनता को समर्पित किया जाएगा।

गोरखपुर स्मार्ट सिटी परियोजना (Gorakhpur Smart City) से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (PAA)

Q1: गोरखपुर में नगर आयुक्त ने 24 अक्टूबर 2026 को किन चार परियोजनाओं का निरीक्षण किया? नगर आयुक्त ने तालनदौर स्थित कान्हा उपवन गौशाला, लालडिग्गी पार्क के सौंदर्यीकरण कार्य, रानीडीहा जोनल कार्यालय तथा 75 बेड वाले वर्किंग वूमेन हॉस्टल का स्थलीय निरीक्षण किया।

Q2: तालनदौर कान्हा उपवन गौशाला का निर्माण कब तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं? तालनदौर गौशाला का 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। नगर आयुक्त ने 2.5 किमी लंबी सीसी रोड का काम 3 दिन में शुरू करने, शेडों का शेष काम 10 दिन में पूरा करने और संपूर्ण प्रोजेक्ट दीपावली से पहले तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

Q3: गोरखपुर में बन रहे वर्किंग वूमेन हॉस्टल की क्षमता और लागत कितनी है? मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना के तहत देवरिया बाइपास के पास बन रहे भूतल सहित चार मंजिला (G+4) वर्किंग वूमेन हॉस्टल की क्षमता 75 बेड है और इसकी स्वीकृत लागत 18.26 करोड़ रुपये है।

Q4: लालडिग्गी पार्क के सौंदर्यीकरण कार्य को पूरा करने की अंतिम तिथि क्या तय की गई है? राज्य स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत लालडिग्गी पार्क में चल रहे दो गेट, कैंटीन, सड़क, नाली और हॉर्टिकल्चर सहित सभी शेष कार्यों को 15 नवंबर 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करने का निर्देश दिया गया है।

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Navneet Mishra

Navneet Mishra is a seasoned journalist currently associated with Nirbhik India and its digital portal, nirbhikindia.in. With over six years of experience across print and digital platforms, Navneet specializes in politics, sports, economics, and geopolitics.
A Master’s graduate in Mass Communication from Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University, he is also a dedicated media scholar. His academic research focuses on “the pivotal role of Gorakhpur’s Hindi newspapers during the Indian freedom struggle against the British Crown”. Before joining Nirbhik India, Navneet spent five years at Adarsh Jeevan and gained valuable field experience at Amar Ujala Gorakhpur as training reporter only for 5 days.
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नवनीत मिश्रा वर्तमान में ‘निर्भीक इंडिया’ मीडिया समूह से जुड़े हैं। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। पत्रकारिता के अपने 6 वर्षों के सफर में उन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों डेस्क पर काम किया है। उनके शोध का विषय ब्रिटिश शासन के खिलाफ गोरखपुर के अखबारों का योगदान रहा है, जो उनकी ऐतिहासिक समझ को दर्शाता है। वे राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मामलों (Geopolitics) पर निरंतर लिखते रहे हैं। ‘आदर्श जीवन’ दैनिक में 5 साल का कार्यकाल और ‘अमर उजाला’ गोरखपुर में ट्रेनिंग रिपोर्टिंग के तौर पर मात्र 5 दिन काम क्या है उनकी लेखनी को और भी निखारता है।

Navneet Mishra

Navneet Mishra is a seasoned journalist currently associated with Nirbhik India and its digital portal, nirbhikindia.in. With over six years of experience across print and digital platforms, Navneet specializes in politics, sports, economics, and geopolitics. A Master’s graduate in Mass Communication from Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University, he is also a dedicated media scholar. His academic research focuses on "the pivotal role of Gorakhpur’s Hindi newspapers during the Indian freedom struggle against the British Crown". Before joining Nirbhik India, Navneet spent five years at Adarsh Jeevan and gained valuable field experience at Amar Ujala Gorakhpur as training reporter only for 5 days. ---------------------------------------------------------------------------------- नवनीत मिश्रा वर्तमान में 'निर्भीक इंडिया' मीडिया समूह से जुड़े हैं। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। पत्रकारिता के अपने 6 वर्षों के सफर में उन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों डेस्क पर काम किया है। उनके शोध का विषय ब्रिटिश शासन के खिलाफ गोरखपुर के अखबारों का योगदान रहा है, जो उनकी ऐतिहासिक समझ को दर्शाता है। वे राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मामलों (Geopolitics) पर निरंतर लिखते रहे हैं। 'आदर्श जीवन' दैनिक में 5 साल का कार्यकाल और 'अमर उजाला' गोरखपुर में ट्रेनिंग रिपोर्टिंग के तौर पर मात्र 5 दिन काम क्या है उनकी लेखनी को और भी निखारता है।

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