Municipal Commissioner Inspection : हरसेवकपुर में कार्य समीक्षा
स्थान (डेटलाइन): गोरखपुर (निर्भीक इंडिया ब्यूरो): नगर आयुक्त निरीक्षण (Municipal Commissioner Inspection) के दौरान वार्ड संख्या 31 हरसेवकपुर में मंगलवार की सुबह प्रशासनिक सख्ती का बड़ा असर देखने को मिला।

प्रातः 7:00 बजे औचक निरीक्षण पर पहुंचे नगर आयुक्त ने वार्ड में साफ-सफाई, पेयजल आपूर्ति, निर्माणाधीन सीसी सड़कों, आरसीसी नालियों और पार्कों के सुंदरीकरण कार्यों की जमीनी हकीकत परखी, जिससे नगर आयुक्त निरीक्षण का असर पूरे वार्ड में साफ नजर आया।
निर्भीक इंडिया (Nirbhik India) की विशेष पड़ताल के अनुसार, निरीक्षण के दौरान गंदगी और जलभराव देखकर नगर आयुक्त ने कड़ा रुख अपनाया और सफाई व्यवस्था में घोर लापरवाही बरतने वाले पांच सफाई कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से कार्य से हटाने का आदेश जारी किया, जो नगर आयुक्त निरीक्षण की सख्त कार्यशैली को दर्शाता है।
इसके साथ ही उन्होंने जोनल अधिकारी और सफाई निरीक्षक को निर्देशित किया कि वार्ड के किसी भी कोने में कूड़ा जमा नहीं होना चाहिए और दैनिक निगरानी में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नगर आयुक्त निरीक्षण (Municipal Commissioner Inspection): 5 सफाई कर्मचारियों पर गिरी गाज
हरसेवकपुर वार्ड संख्या 31 (Harsewakpur Ward 31) के विभिन्न मोहल्लों में निरीक्षण के दौरान नालियों में गंदगी और गलियों में कचरा बिखरा मिलने पर नगर आयुक्त ने सख्त नाराजगी जताई।
उन्होंने जोनल सेनेटरी अधिकारी अखिलेश श्रीवास्तव और संबंधित सफाई निरीक्षक को तलब करते हुए लापरवाह पांच संविदा सफाई कर्मियों को ड्यूटी से बाहर का रास्ता दिखाने का निर्देश दिया, ताकि नगर आयुक्त निरीक्षण के बाद सफाई में कोई ढिलाई न रहे।
अधिकारियों को दो-टूक निर्देश दिया गया कि नगर निगम की प्राथमिकता नागरिकों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराना है। काम में हीलाहवाली करने वाले किसी भी कर्मचारी या सुपरवाइजर को बख्शा नहीं जाएगा।
नगर आयुक्त निरीक्षण (Municipal Commissioner Inspection) में सीसी सड़क और आरसीसी नाली का जायजा
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने त्वरित आर्थिक विकास योजना (Twarit Arthik Vikas Yojana) के अंतर्गत हरसेवकपुर वार्ड में कराए जा रहे दो प्रमुख निर्माण कार्यों की प्रगति देखी:
- पंचायत भवन से विजय चौहान के मकान तक: पंचायत भवन के सामने से विजय चौहान के मकान तक तथा विभिन्न संपर्क गलियों में चल रहे सीसी सड़क और आरसीसी नाली निर्माण का जायजा लिया।
- सोना सिटी कॉलोनी निर्माण कार्य: सोना सिटी कॉलोनी में गीता शंकर दुबे के मकान से राम जी यादव के मकान होते हुए गांधीनगर कॉलोनी गेट तक बन रही सीसी सड़क और नाली का स्थलीय निरीक्षण किया।
मौके पर दोनों स्थानों पर नाली निर्माण का कार्य प्रगति पर पाया गया। नगर आयुक्त ने अधिशासी अभियंता अमरनाथ को कार्य में तेजी लाते हुए तय समय-सीमा के भीतर निर्माण पूरा कराने के निर्देश दिए, जिससे नगर आयुक्त निरीक्षण के उद्देश्यों को पूरा किया जा सके।
नगर आयुक्त निरीक्षण (Municipal Commissioner Inspection): सड़क बनने से पहले बिछेगी पाइपलाइन
नगर आयुक्त ने निर्माण कार्यों के दौरान होने वाली सरकारी धन की बर्बादी और जनता की परेशानी को रोकने के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण नीतिगत निर्देश दिया।
उन्होंने सहायक अभियंता जलकल राकेश यादव को स्पष्ट निर्देश दिया कि जहां भी नई सड़क बनाई जानी है, वहां सड़क ढलाई से पहले ही पेयजल पाइपलाइन कार्य (Drinking Water Pipeline Project) का काम शत-प्रतिशत पूरा कर लिया जाए।
नगर आयुक्त ने कहा कि सड़क बनने के बाद पाइपलाइन के लिए दोबारा खुदाई करने की प्रवृत्ति को पूरी तरह बंद किया जाए, जिससे नई सड़कें क्षतिग्रस्त न हों और स्थानीय नागरिकों को आवागमन में असुविधा न हो, और यही नगर आयुक्त निरीक्षण का मुख्य संदेश रहा।
नगर आयुक्त निरीक्षण (Municipal Commissioner Inspection): 15 दिन में नलकूप चालू, हर घर पेयजल कनेक्शन का फरमान
हरसेवकपुर वार्ड में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जलकल विभाग द्वारा कराए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई:
- नलकूप बोरिंग का कार्य पूर्ण: सहायक अभियंता जलकल राकेश यादव ने बताया कि वार्डवासियों के लिए एक बड़े नलकूप (ट्यूबवेल) की बोरिंग का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।
- 8 किलोमीटर पाइपलाइन नेटवर्क: वार्ड में कुल 8 किलोमीटर (8,000 मीटर) लंबी पेयजल पाइपलाइन बिछाई जानी है, जिसमें से लगभग 5,800 मीटर पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा हो चुका है। शेष 2,200 मीटर का काम युद्धस्तर पर जारी है।
- 15 दिन की अंतिम डेडलाइन: जलकल विभाग ने आश्वस्त किया कि आगामी 15 दिनों के भीतर नलकूप को पूरी तरह चालू कर जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
- घर-घर कनेक्शन का आदेश: इस पर नगर आयुक्त ने कड़ा निर्देश दिया कि नलकूप चालू होने का इंतजार न किया जाए, बल्कि उससे पहले ही वार्ड के सभी घरों में नल कनेक्शन जोड़ दिए जाएं ताकि मोटर चालू होते ही सीधे घरों में पानी पहुंचे, जिसके लिए नगर आयुक्त निरीक्षण में स्पष्ट समय-सीमा तय की गई।
नगर आयुक्त निरीक्षण (Municipal Commissioner Inspection) के तहत सोना सिटी और साहित्य पार्क का कायाकल्प
हरसेवकपुर वार्ड को ग्रीन और आधुनिक लुक देने के लिए पार्कों के निर्माण पर विशेष बल दिया गया:
1. सोना सिटी पार्क का सौंदर्यीकरण:
15वें वित्त आयोग की योजना के अंतर्गत स्वीकृत सोना सिटी स्थित पार्क के सौंदर्यीकरण कार्य को बिना किसी देरी के तत्काल प्रारंभ कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
2. सूबे के पहले ‘साहित्य पार्क’ का निरीक्षण:
‘मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना’ के अंतर्गत हरसेवकपुर में करीब ₹35 करोड़ की लागत से बन रहे उत्तर प्रदेश के पहले ‘साहित्य पार्क’ का नगर आयुक्त ने विस्तृत निरीक्षण किया।
कार्यदायी संस्था सीएनडीएस (CNDS) यूनिट-42 के अभियंता केएम सिंह ने मौके पर बताया कि वर्तमान में पार्क की सुरक्षा बाउंड्री वॉल का निर्माण कार्य चल रहा है।
नगर आयुक्त ने निर्देश दिया कि कार्य की गति बढ़ाने के लिए श्रमिकों, जेसीबी मशीनों, ट्रैक्टरों और आधुनिक उपकरणों की संख्या तत्काल बढ़ाई जाए, ताकि इस ऐतिहासिक परियोजना को समय पर लोकार्पित किया जा सके, जिस पर नगर आयुक्त निरीक्षण के दौरान विशेष जोर दिया गया।
3. उपवन योजना के तहत कब्रिस्तान के पास पार्क:
‘उपवन योजना’ के अंतर्गत हरसेवकपुर में कब्रिस्तान के निकट निर्माणाधीन नए पार्क का भी निरीक्षण किया गया और अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए, ताकि नगर आयुक्त निरीक्षण के सकारात्मक परिणाम जनता को तुरंत मिलें।
निरीक्षण के दौरान उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों की सूची
इस सघन स्थलीय निरीक्षण के दौरान नगर निगम और संबंधित कार्यदायी संस्थाओं के निम्नलिखित प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे, जो नगर आयुक्त निरीक्षण (Municipal Commissioner Inspection) में शामिल थे:
| अधिकारी का नाम | पदनाम एवं विभाग |
| श्री अमरनाथ | अधिशासी अभियंता (पीडब्ल्यूडी/सिविल), नगर निगम |
| श्री सुरेंद्र प्रताप सिंह | सहायक नगर आयुक्त एवं जोनल अधिकारी |
| श्री अखिलेश श्रीवास्तव | जोनल सेनेटरी अधिकारी (स्वास्थ्य विभाग) |
| श्री राकेश यादव | सहायक अभियंता, जलकल विभाग |
| श्री आशीष तिवारी | अवर अभियंता, नगर निगम गोरखपुर |
| श्री केएम सिंह | अभियंता, सीएनडीएस यूनिट-42 (साहित्य पार्क) |
हरसेवकपुर वार्ड 31 विकास कार्यों से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (PAA)
प्र. 1: नगर आयुक्त ने हरसेवकपुर में पांच सफाई कर्मचारियों को क्यों हटाया?
उत्तर: वार्ड संख्या 31 हरसेवकपुर में सुबह 7 बजे निरीक्षण के दौरान नालियों में गंदगी, कचरा बिखरा होने और सफाई कार्यों में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर नगर आयुक्त ने पांच संविदा सफाई कर्मचारियों को कार्य से हटाने का आदेश दिया।
प्र. 2: हरसेवकपुर में पेयजल आपूर्ति कब से शुरू होगी?
उत्तर: जलकल विभाग के अनुसार वार्ड में 1 बड़े नलकूप की बोरिंग हो चुकी है और 5,800 मीटर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। आगामी 15 दिनों के भीतर नलकूप चालू कर सभी घरों में जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
प्र. 3: हरसेवकपुर में बन रहे ‘साहित्य पार्क’ की क्या खासियत है?
उत्तर: मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना के तहत सीएनडीएस द्वारा निर्मित यह पार्क उत्तर प्रदेश का पहला साहित्य पार्क होगा, जहां हिंदी, भोजपुरी और भारतीय साहित्य के महान रचनाकारों की स्मृतियां, योग केंद्र और ओपन-एयर थियेटर विकसित किए जा रहे हैं।
प्र. 4: सड़क निर्माण से पहले पाइपलाइन बिछाने का क्या नियम बनाया गया है?
उत्तर: नगर आयुक्त ने स्पष्ट आदेश दिया है कि जहां भी सीसी सड़क बननी है, वहां पहले जलकल विभाग की पाइपलाइन बिछाई जाएगी, ताकि सड़क बनने के बाद उसे दोबारा न खोदा जाए।
नगर आयुक्त निरीक्षण (Municipal Commissioner Inspection) से यह स्पष्ट हो गया है कि गोरखपुर नगर निगम अब विकास कार्यों में लेटलतीफी और जनता के पैसों की बर्बादी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा। निर्भीक इंडिया (Nirbhik India) शहर के हर वार्ड, हर गली और नागरिक सुविधाओं से जुड़े हर मुद्दे को पूरी निष्पक्षता और मजबूती से उठाता रहेगा।

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Navneet Mishra is a seasoned journalist currently associated with Nirbhik India and its digital portal, nirbhikindia.in. With over six years of experience across print and digital platforms, Navneet specializes in politics, sports, economics, and geopolitics.
A Master’s graduate in Mass Communication from Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University, he is also a dedicated media scholar. His academic research focuses on “the pivotal role of Gorakhpur’s Hindi newspapers during the Indian freedom struggle against the British Crown”. Before joining Nirbhik India, Navneet spent five years at Adarsh Jeevan and gained valuable field experience at Amar Ujala Gorakhpur as training reporter only for 5 days.
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नवनीत मिश्रा वर्तमान में ‘निर्भीक इंडिया’ मीडिया समूह से जुड़े हैं। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। पत्रकारिता के अपने 6 वर्षों के सफर में उन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों डेस्क पर काम किया है। उनके शोध का विषय ब्रिटिश शासन के खिलाफ गोरखपुर के अखबारों का योगदान रहा है, जो उनकी ऐतिहासिक समझ को दर्शाता है। वे राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मामलों (Geopolitics) पर निरंतर लिखते रहे हैं। ‘आदर्श जीवन’ दैनिक में 5 साल का कार्यकाल और ‘अमर उजाला’ गोरखपुर में ट्रेनिंग रिपोर्टिंग के तौर पर मात्र 5 दिन काम क्या है उनकी लेखनी को और भी निखारता है।

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