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Petrol Theft Syndicate पर बड़ा खुलासा: 4 शातिर अरेस्ट!

गोरखपुर महानगर के चिलुआताल थाना क्षेत्र में पुलिस और एंटी थेफ्ट (Anti Theft) टीम ने एक बड़ी संयुक्त कार्रवाई करते हुए संगठित अपराध की कमर तोड़ दी है। इलाके में लंबे समय से सक्रिय एक अंतरजनपदीय Petrol Theft Syndicate का पुलिस ने रंगे हाथ भंडाफोड़ किया है।

कैसे काम करता था यह संगठित Petrol Theft Syndicate?
Petrol Theft Syndicate पर बड़ा खुलासा 4 शातिर अरेस्ट

चेकिंग के दौरान पुलिस ने इस Petrol Theft Syndicate के 4 शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो एक कमर्शियल तेल टैंकर से भारी मात्रा में पेट्रोल की चोरी कर रहे थे। पुलिस ने मौके से चोरी में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों, टैंकर और नीले ड्रमों में भरा करीब 600 लीटर पेट्रोल बरामद किया है

। इस Petrol Theft Syndicate की गिरफ्तारी से उन पेट्रोल पंप मालिकों और आम उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है, जो तेल की घटतौली और मिलावट का शिकार हो रहे थे।

कैसे काम करता था यह संगठित Petrol Theft Syndicate?

तेल डिपो से पेट्रोल पंपों तक ईंधन पहुंचाने वाले टैंकर अक्सर रास्ते में संगठित गिरोहों का शिकार होते हैं। पुलिस की प्रारंभिक जांच और बरामदगी से स्पष्ट हुआ है कि यह Petrol Theft Syndicate पूरी तरह से एक सुनियोजित और पेशेवर तरीके से काम कर रहा था।

टैंकर के ड्राइवर या खलासी की मिलीभगत से यह Petrol Theft Syndicate सुनसान इलाकों में टैंकर को रोकता था। इसके बाद मास्टर चाबी या तकनीकी हेरफेर के जरिए टैंकर की सील से छेड़छाड़ कर, प्लास्टिक की पाइप और बड़ी कीप की मदद से हजारों लीटर पेट्रोल की चोरी की जाती थी।

यह Petrol Theft Syndicate इस चोरी किए गए ज्वलनशील ईंधन को 200 लीटर क्षमता वाले बड़े ड्रमों में स्टोर करता था। खुलेआम और असुरक्षित तरीके से किए जाने वाले इस गोरखधंधे से न केवल भारी आर्थिक नुकसान हो रहा था, बल्कि किसी बड़े विस्फोट या आगजनी (Fire Hazard) का गंभीर खतरा भी बना हुआ था।

इस Petrol Theft Syndicate द्वारा चुराया गया पेट्रोल अक्सर ब्लैक मार्केट में अवैध विक्रेताओं को सस्ते दामों पर बेचा जाता था, जिसमें मिलावट कर बाद में इसे आम जनता को थमा दिया जाता था।

चेकिंग के दौरान Petrol Theft Syndicate का पर्दाफाश

पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, 21 सितंबर 2026 को चिलुआताल पुलिस और उत्तरी जोन की एंटी थेफ्ट टीम संयुक्त रूप से इलाके में सघन गश्त और चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम की नजर एक सुनसान जगह पर खड़े टैंकर और वहां हो रही संदिग्ध गतिविधियों पर पड़ी।

पुलिस ने त्वरित घेराबंदी की तो देखा कि कुछ लोग पाइप और बाल्टियों की मदद से टैंकर से पेट्रोल निकाल कर ड्रमों में भर रहे हैं। पुलिस को देखते ही इस Petrol Theft Syndicate के सदस्यों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन टीम की मुस्तैदी के कारण चारों आरोपियों को मौके पर ही रंगे हाथ दबोच लिया गया। पुलिस की इस छापेमारी ने इलाके में सक्रिय इस पूरे Petrol Theft Syndicate की कमर तोड़ कर रख दी है।

Petrol Theft Syndicate से क्या-क्या हुई बरामदगी?

गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने भारी मात्रा में चोरी का ईंधन और उपकरण बरामद किए हैं, जो इस Petrol Theft Syndicate के बड़े पैमाने पर काम करने का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं:

  • 5 नीले प्लास्टिक ड्रम (प्रत्येक 200 लीटर क्षमता वाले), जिनमें लगभग 600 लीटर चोरी का पेट्रोल भरा हुआ था।
  • 01 प्लास्टिक की गोल बाल्टी (20 लीटर क्षमता)।
  • 01 बड़ी प्लास्टिक कीप और 01 लंबी प्लास्टिक की पाइप (पेट्रोल खींचने के लिए)।
  • 01 ऑयल टैंकर (पंजीकरण संख्या: UP53DT9639), जिससे पेट्रोल की चोरी की जा रही थी।

गिरफ्तार Petrol Theft Syndicate के सदस्यों की कुंडली

पुलिस की पूछताछ में इस Petrol Theft Syndicate के सदस्यों ने अपनी पहचान बताई है। यह गिरोह केवल गोरखपुर तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें महराजगंज जिले के अपराधी भी शामिल थे। गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण इस प्रकार है:

  • रामदेव (पुत्र रामलखन) – निवासी ग्राम रानीपुर, थाना पुरन्दरपुर, जिला महाराजगंज।
  • तारकेश्वर (पुत्र संतोष) – निवासी ग्राम प्यासी बाजार, थाना खोराबार, जनपद गोरखपुर।
  • शिव कुमार (पुत्र रामलगन) – निवासी ग्राम बेलवारायपुर, थाना गुलरिहा, जनपद गोरखपुर।
  • अनन्त (पुत्र रामसजन) – निवासी ग्राम बंसहिया, थाना चौरीचौरा, जनपद गोरखपुर।
Petrol Theft Syndicate पर BNS की नई धाराओं में केस

इस गंभीर अपराध और राष्ट्रीय संपत्ति (ईंधन) की चोरी के मामले में चिलुआताल पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बिल्कुल भी ढिलाई नहीं बरती है। पकड़े गए इस Petrol Theft Syndicate के सभी 4 सदस्यों के खिलाफ थाना चिलुआताल में मु.अ.स. 746/2026 के तहत नई भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की सख्त धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया है।

  • धारा 303(2) बीएनएस: यह धारा चोरी (Theft) के स्पष्ट अपराध के लिए लगाई जाती है। चूंकि यह चोरी एक कमर्शियल वाहन से और संगठित तरीके से की गई है, इसलिए यह अपराध और भी गंभीर श्रेणी में आता है।
  • धारा 317(2) बीएनएस: यह धारा चुराई गई संपत्ति (Stolen Property) को बेईमानी से प्राप्त करने, छिपाने या अपने कब्जे में रखने पर लगाई जाती है। मौके से 600 लीटर पेट्रोल की बरामदगी इस धारा को मजबूती प्रदान करती है।

इन सख्त विधिक धाराओं के कारण इस Petrol Theft Syndicate के सदस्यों को अदालत से आसानी से जमानत मिलना लगभग नामुमकिन है। पुलिस अब इन अभियुक्तों को रिमांड पर लेकर यह भी पूछताछ करेगी कि इस Petrol Theft Syndicate के तार किन-किन अवैध पेट्रोल विक्रेताओं और टैंकर मालिकों से जुड़े हुए हैं।

ईंधन की घटतौली और Petrol Theft Syndicate का नेक्सस

अक्सर आम उपभोक्ता और पेट्रोल पंप मालिक इंटरनेट पर सर्च करते हैं कि टैंकर से पूरा तेल निकलने के बाद भी पंप के अंडरग्राउंड टैंक में पेट्रोल कम क्यों निकलता है। इस Petrol Theft Syndicate की गिरफ्तारी इस सवाल का सटीक जवाब है।

डिपो से निकलने के बाद टैंकर रास्ते में ढाबों या सुनसान स्थानों पर रुकते हैं, जहां यह Petrol Theft Syndicate सक्रिय होता है। चोरी किए गए पेट्रोल की मात्रा को छिपाने के लिए कई बार टैंकर में उसी मात्रा में सॉल्वेंट या अन्य मिलावटी केमिकल मिला दिया जाता है। इससे न केवल पंप मालिकों को नुकसान होता है, बल्कि आम जनता के वाहनों के इंजन भी इस मिलावटी तेल के कारण खराब हो जाते हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से तेल माफियाओं के इस बड़े नेक्सस पर करारी चोट पहुंची है।

दबोचने वाली पुलिस टीम

इस पेशेवर Petrol Theft Syndicate को रंगे हाथ गिरफ्तार करने और भारी रिकवरी करने में चिलुआताल थाने की स्थानीय पुलिस और एंटी थेफ्ट टीम (उत्तरी जोन) का शानदार समन्वय (Coordination) देखने को मिला। किसी भी प्रकार की वीआईपी चाटुकारिता से दूर, विशुद्ध रूप से ग्राउंड पर काम करने वाली इस पुलिस टीम का विवरण निम्नवत है:

  • उप-निरीक्षक (उ.नि.): आशीष सिंह (थाना चिलुआताल)
  • उप-निरीक्षक (उ.नि.): विकास यादव (थाना चिलुआताल)
  • उप-निरीक्षक (उ.नि.): गिरीश मिश्रा (एंटी थेफ्ट टीम, उत्तरी जोन)
  • कांस्टेबल (का.): मुकेश चौहान, संजय कुमार, अंकित चौरसिया, आयुष द्विवेदी, विकास वर्मा (थाना चिलुआताल)
  • कांस्टेबल (का.): नवदीप सिंह, संजीत पाण्डेय, संदीप कुमार यादव (एंटी थेफ्ट टीम, उत्तरी जोन)

पुलिस ने गिरफ्तार किए गए Petrol Theft Syndicate के चारों अभियुक्तों का विधिक चालान कर दिया है। बरामद टैंकर को सीज कर दिया गया है और 600 लीटर पेट्रोल को मालखाने में सुरक्षित रखवा दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि संगठित अपराध और राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी Petrol Theft Syndicate को बख्शा नहीं जाएगा और आगे भी ऐसे सघन चेकिंग अभियान निरंतर जारी रहेंगे।

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