गोरखपुर समाचारउत्तर प्रदेश

Gorakhpur Liquor Raid में 2 जगह छापे

गोरखपुर में अवैध कच्ची शराब का जहरीला कारोबार करने वाले माफियाओं की अब खैर नहीं है। आबकारी आयुक्त उत्तर प्रदेश के सख्त आदेशों के अनुपालन में, जिला आबकारी अधिकारी के निर्देश पर जिले भर में Gorakhpur Liquor Raid का एक सघन और आक्रामक अभियान चलाया जा रहा है।

राप्ती किनारे Gorakhpur Liquor Raid का खौफनाक मंजर
अमरूद बाग में भट्ठियां ध्वस्त Gorakhpur Liquor Raid

मंगलवार (22 सितंबर) को राजघाट थाना क्षेत्र के अंतर्गत राप्ती नदी के किनारे चलाए गए इस विशाल Gorakhpur Liquor Raid में भारी मात्रा में अवैध कच्ची शराब बरामद कर धधकती भट्ठियों को नष्ट किया गया है। इसके साथ ही, इस Gorakhpur Liquor Raid अभियान के दूसरे चरण में आबकारी विभाग ने जिले की सरकारी और कम्पोजिट शराब की दुकानों का भी औचक निरीक्षण कर विक्रेताओं को सख्त चेतावनी जारी की है। यह पूरी कार्रवाई अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के पूरे सिंडिकेट को खत्म करने के लिए की गई है।

राप्ती किनारे Gorakhpur Liquor Raid का खौफनाक मंजर

गोरखपुर आबकारी विभाग और स्थानीय पुलिस की इस संयुक्त Gorakhpur Liquor Raid को बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया। आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-2 (अतिरिक्त प्रभार सेक्टर-2) एस.एन. वर्मा और आबकारी निरीक्षक प्रवर्तन-1 अरविन्द कुमार ने अमरुतानी पुलिस चौकी की टीम के साथ मिलकर इस Gorakhpur Liquor Raid का नेतृत्व किया। पुलिस और आबकारी टीम ने संयुक्त रूप से राजघाट थाना क्षेत्र के अंतर्गत राप्ती नदी के किनारे स्थित अमरूद बागों और घनी झाड़ियों में अचानक दबिश दी।

इस Gorakhpur Liquor Raid के शुरू होते ही शराब माफियाओं में भारी भगदड़ मच गई। मौके से पुलिस टीम ने लगभग 25 लीटर तैयार अवैध कच्ची शराब बरामद की है। सबसे बड़ी सफलता यह रही कि इस Gorakhpur Liquor Raid में शराब बनाने के लिए तैयार किए गए लगभग 250 किलोग्राम ‘लहन’ (सड़ाया हुआ कच्चा माल) को मौके पर ही बहाकर नष्ट कर दिया गया।

इसके अलावा, नदी किनारे छिपकर चलाई जा रही कई शराब भट्ठियों को भी पुलिस ने इस Gorakhpur Liquor Raid के दौरान तोड़कर ध्वस्त कर दिया। पकड़े गए माल और नष्ट की गई भट्ठियों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत एफआईआर (FIR) पंजीकृत कर सख्त विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

Gorakhpur Liquor Raid के बाद दुकानों का सघन निरीक्षण

नदी किनारे अवैध शराब के ठिकानों को नेस्तनाबूद करने के बाद, विभाग ने लाइसेंसी दुकानों पर भी शिकंजा कसा। इसी Gorakhpur Liquor Raid और प्रवर्तन अभियान के दूसरे हिस्से के रूप में, आबकारी निरीक्षक ने सेक्टर-2 के अंतर्गत आने वाली विभिन्न देशी मदिरा और कम्पोजिट शराब की दुकानों (Composite Shops) का सघनता से निरीक्षण किया।

इस औचक चेकिंग और Gorakhpur Liquor Raid के दौरान शराब विक्रेताओं और अनुज्ञापियों (लाइसेंस धारकों) को सख्त हिदायत दी गई। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी लाइसेंसी दुकानों का संचालन आबकारी नियमों के तहत ही होना चाहिए। किसी भी परिस्थिति में निर्धारित समय-सीमा (Opening and Closing Time) से पहले या समय बीत जाने के बाद शराब की बिक्री नहीं होनी चाहिए।

यदि कोई इस नियम का उल्लंघन करता पाया गया तो अगली Gorakhpur Liquor Raid में उसकी दुकान का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया जाएगा। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि ग्राहकों को दी जाने वाली शत-प्रतिशत शराब की बिक्री अनिवार्य रूप से पीओएस मशीन (POS Machine) के माध्यम से ही की जाए, ताकि स्टॉक में हेराफेरी या टैक्स चोरी की कोई गुंजाइश न बचे।

जहरीली शराब और Gorakhpur Liquor Raid का महत्व

इंटरनेट पर लोग अक्सर सर्च करते हैं कि ग्रामीण और नदी तटीय इलाकों में कच्ची शराब क्यों बनाई जाती है और पुलिस लगातार Gorakhpur Liquor Raid क्यों करती है।

दरअसल, राप्ती नदी के किनारे घनी झाड़ियों और अमरूद के बागों जैसी सुनसान जगहों पर कच्ची शराब बनाना तस्करों के लिए आसान होता है। इस शराब को जल्दी सड़ाने और नशीला बनाने के लिए इसमें यूरिया, ऑक्सीटोसिन और अन्य खतरनाक रसायनों का इस्तेमाल होता है।

यह कच्ची शराब अक्सर ‘जहरीली शराब’ (Methanol) में बदल जाती है, जिससे पीने वालों की आंखों की रोशनी चली जाती है या मौत हो जाती है। लोगों की जान बचाने और सरकारी राजस्व की होने वाली चोरी रोकने के लिए ही आबकारी विभाग समय-समय पर इस तरह की विशाल Gorakhpur Liquor Raid को अंजाम देता है।

विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उनके आसपास कहीं भी अवैध शराब बन या बिक रही हो, तो तुरंत टोल-फ्री नंबर या स्थानीय थाने पर इसकी सूचना दें, ताकि त्वरित Gorakhpur Liquor Raid कर इस मौत के कारोबार को पूरी तरह जड़ से खत्म किया जा सके।

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Navneet Mishra

Navneet Mishra is a seasoned journalist currently associated with Nirbhik India and its digital portal, nirbhikindia.in. With over six years of experience across print and digital platforms, Navneet specializes in politics, sports, economics, and geopolitics.
A Master’s graduate in Mass Communication from Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University, he is also a dedicated media scholar. His academic research focuses on “the pivotal role of Gorakhpur’s Hindi newspapers during the Indian freedom struggle against the British Crown”. Before joining Nirbhik India, Navneet spent five years at Adarsh Jeevan and gained valuable field experience at Amar Ujala Gorakhpur as training reporter only for 5 days.
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नवनीत मिश्रा वर्तमान में ‘निर्भीक इंडिया’ मीडिया समूह से जुड़े हैं। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। पत्रकारिता के अपने 6 वर्षों के सफर में उन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों डेस्क पर काम किया है। उनके शोध का विषय ब्रिटिश शासन के खिलाफ गोरखपुर के अखबारों का योगदान रहा है, जो उनकी ऐतिहासिक समझ को दर्शाता है। वे राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मामलों (Geopolitics) पर निरंतर लिखते रहे हैं। ‘आदर्श जीवन’ दैनिक में 5 साल का कार्यकाल और ‘अमर उजाला’ गोरखपुर में ट्रेनिंग रिपोर्टिंग के तौर पर मात्र 5 दिन काम क्या है उनकी लेखनी को और भी निखारता है।

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Navneet Mishra is a seasoned journalist currently associated with Nirbhik India and its digital portal, nirbhikindia.in. With over six years of experience across print and digital platforms, Navneet specializes in politics, sports, economics, and geopolitics. A Master’s graduate in Mass Communication from Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University, he is also a dedicated media scholar. His academic research focuses on "the pivotal role of Gorakhpur’s Hindi newspapers during the Indian freedom struggle against the British Crown". Before joining Nirbhik India, Navneet spent five years at Adarsh Jeevan and gained valuable field experience at Amar Ujala Gorakhpur as training reporter only for 5 days. ---------------------------------------------------------------------------------- नवनीत मिश्रा वर्तमान में 'निर्भीक इंडिया' मीडिया समूह से जुड़े हैं। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। पत्रकारिता के अपने 6 वर्षों के सफर में उन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों डेस्क पर काम किया है। उनके शोध का विषय ब्रिटिश शासन के खिलाफ गोरखपुर के अखबारों का योगदान रहा है, जो उनकी ऐतिहासिक समझ को दर्शाता है। वे राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मामलों (Geopolitics) पर निरंतर लिखते रहे हैं। 'आदर्श जीवन' दैनिक में 5 साल का कार्यकाल और 'अमर उजाला' गोरखपुर में ट्रेनिंग रिपोर्टिंग के तौर पर मात्र 5 दिन काम क्या है उनकी लेखनी को और भी निखारता है।

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