गोरखपुर अपराधउत्तर प्रदेशगोरखपुर समाचार

Gorakhpur Liquor smuggler Arrest : तलाशी दौरान पकड़ाए 2 आरोपी

गोरखपुर: महानगर में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर पूरी तरह से लगाम कसने के लिए पुलिस ने अपना अभियान तेज कर दिया है। इसी कड़ी में राजघाट थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने इलाके में अवैध रूप से शराब की तस्करी करने वाले दो शातिर आरोपियों को धर दबोचा है।

राजघाट में चेकिंग के दौरान Gorakhpur Liquor smuggler Arrest
Gorakhpur Liquor smuggler Arrest तलाशी दौरान पकड़ाए 2 आरोपी

इस Gorakhpur Liquor smuggler Arrest के दौरान पुलिस ने दोनों तस्करों के कब्जे से कुल 20 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद की है। पकड़े गए आरोपियों में से एक पुराना हिस्ट्रीशीटर है, जिस पर पहले से ही शराब तस्करी के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से स्थानीय स्तर पर चल रहे शराब के अवैध नेटवर्क पर करारी चोट पहुंची है।

राजघाट में चेकिंग के दौरान Gorakhpur Liquor smuggler Arrest

पुलिस विवेचना और दर्ज एफआईआर (FIR) के अनुसार, क्षेत्राधिकारी (कोतवाली) के पर्यवेक्षण और राजघाट थानाध्यक्ष गौरव कुमार वर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम इलाके में सघन चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर उप-निरीक्षक (उ.नि.) काजी नफीस अहमद और महिला उप-निरीक्षक (म.उ.नि.) सोनाली वर्मा ने अपनी टीम के साथ दो संदिग्ध व्यक्तियों को रोककर उनकी तलाशी ली।

तलाशी के दौरान दोनों व्यक्तियों के पास से भारी मात्रा में अवैध कच्ची शराब बरामद हुई, जिसके बाद मौके पर ही इस Gorakhpur Liquor smuggler Arrest को अंजाम दिया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को तत्काल हिरासत में ले लिया और बरामद शराब को जब्त कर थाने ले आई।

Gorakhpur Liquor smuggler Arrest में पकड़े गए आरोपियों की कुंडली

पुलिस की पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। गिरफ्तार किए गए दोनों शराब तस्करों की पहचान और उनका आपराधिक रिकॉर्ड इस प्रकार है:

1. राकेश कुमार (पुत्र चिखुरी): निवासी- मुण्डेरीचक बाबा चैन सिंह मन्दिर के पास, थाना राजघाट, जनपद गोरखपुर। पुलिस जांच में सामने आया है कि राकेश कुमार एक आदतन शराब तस्कर है। इस पर राजघाट थाने में ही आबकारी अधिनियम (Excise Act) के तहत पहले से दो मुकदमे दर्ज हैं।

  • मु.अ.सं. 47/2018 (धारा 60 आबकारी अधिनियम)
  • मु.अ.सं. 125/2018 (धारा 60 आबकारी अधिनियम)
  • वर्तमान Gorakhpur Liquor smuggler Arrest में इस पर मु.अ.सं. 169/2026 के तहत कार्रवाई की गई है। इसके पास से 10 लीटर कच्ची शराब बरामद हुई है।

2. उमाशंकर भारती (पुत्र स्व. अमरजीत): निवासी- लालडिग्गी बसंतपुर, थाना राजघाट, जनपद गोरखपुर। पुलिस ने उमाशंकर के पास से भी 10 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद की है। इस वर्तमान Gorakhpur Liquor smuggler Arrest के आधार पर इसके खिलाफ थाना राजघाट में मु.अ.सं. 0170/2026 धारा 60 आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है।

आबकारी अधिनियम और Gorakhpur Liquor smuggler Arrest (People Also Search For)

इंटरनेट पर लोग अक्सर सर्च करते हैं कि कच्ची शराब (Illicit Liquor) के साथ पकड़े जाने पर पुलिस किन धाराओं में कार्रवाई करती है और इसकी सजा क्या है।

राजघाट पुलिस ने इस Gorakhpur Liquor smuggler Arrest मामले में दोनों आरोपियों के खिलाफ ‘धारा 60 आबकारी अधिनियम’ (UP Excise Act, Section 60) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। यह धारा बिना वैध लाइसेंस के शराब का निर्माण, परिवहन या बिक्री करने पर लगाई जाती है।

इसमें अर्थदंड (जुर्माना) के साथ-साथ कठोर कारावास का भी स्पष्ट प्रावधान है। कच्ची शराब पीने से अक्सर लोगों की जान चली जाती है (जहरीली शराब कांड), इसीलिए पुलिस इस अपराध को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति अपना रही है।

गिरफ्तारी सुनिश्चित करने वाली पुलिस टीम

अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे इस अभियान को सफल बनाने और इस Gorakhpur Liquor smuggler Arrest को अंजाम देने में राजघाट थाने की पुलिस टीम का बेहतरीन समन्वय रहा। इस टीम में मुख्य रूप से शामिल रहे:

  • थानाध्यक्ष: गौरव कुमार वर्मा (थाना राजघाट)
  • उप-निरीक्षक (उ.नि.): काजी नफीस अहमद
  • महिला उप-निरीक्षक (म.उ.नि.): सोनाली वर्मा
  • कांस्टेबल (का.): संजीत शाह, पंकज कुमार, राकेश कुमार, राघवेन्द्र कन्नौजिया

राजघाट पुलिस ने गिरफ्तार किए गए दोनों अभियुक्तों का विधिक चालान कर दिया है। कागजी औपचारिकताएं और मेडिकल परीक्षण पूरा करने के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है, जहां से अग्रिम विधिक कार्यवाही करते हुए इन्हें जेल भेजा जाएगा। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि यह कच्ची शराब कहां बनाई जा रही थी, ताकि इसके मुख्य अड्डे को पूरी तरह से नष्ट किया जा सके।

nirbhik india WhatsApp channel for update and newspaper cutting
NIRBHIK-INDIA-WHATSAPP-CHANNEL (2)
निर्भीक इंडिया (NIRBHIK INDIA) एक समाचार पत्र नही अपितु 246 साल से भी लम्बे समय से चल रहे पत्रकारिता की विचारधारा का एक हिस्सा है, जो हमेशा लोकतंत्र के चारो स्तम्भ को मान्यता देने एवं जनता सर्वोपरि की विचारों का प्रतिनिधित्वकत्र्ता है। आप सभी हमारे साथ जुड़े अपने तन, मन व धन से हमें ताकत दें जिससे कि हम आप (जनता) के लिए आप (जनता) के द्वारा, आप (जनता) के आदेशों पर केन्द्र से सवाल करते हुए एक पूर्ण लोकतंत्र बना सकें।।
Navneet Mishra

Navneet Mishra is a seasoned journalist currently associated with Nirbhik India and its digital portal, nirbhikindia.in. With over six years of experience across print and digital platforms, Navneet specializes in politics, sports, economics, and geopolitics.
A Master’s graduate in Mass Communication from Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University, he is also a dedicated media scholar. His academic research focuses on “the pivotal role of Gorakhpur’s Hindi newspapers during the Indian freedom struggle against the British Crown”. Before joining Nirbhik India, Navneet spent five years at Adarsh Jeevan and gained valuable field experience at Amar Ujala Gorakhpur as training reporter only for 5 days.
———————————————————————————-
नवनीत मिश्रा वर्तमान में ‘निर्भीक इंडिया’ मीडिया समूह से जुड़े हैं। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। पत्रकारिता के अपने 6 वर्षों के सफर में उन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों डेस्क पर काम किया है। उनके शोध का विषय ब्रिटिश शासन के खिलाफ गोरखपुर के अखबारों का योगदान रहा है, जो उनकी ऐतिहासिक समझ को दर्शाता है। वे राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मामलों (Geopolitics) पर निरंतर लिखते रहे हैं। ‘आदर्श जीवन’ दैनिक में 5 साल का कार्यकाल और ‘अमर उजाला’ गोरखपुर में ट्रेनिंग रिपोर्टिंग के तौर पर मात्र 5 दिन काम क्या है उनकी लेखनी को और भी निखारता है।

Navneet Mishra

Navneet Mishra is a seasoned journalist currently associated with Nirbhik India and its digital portal, nirbhikindia.in. With over six years of experience across print and digital platforms, Navneet specializes in politics, sports, economics, and geopolitics. A Master’s graduate in Mass Communication from Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University, he is also a dedicated media scholar. His academic research focuses on "the pivotal role of Gorakhpur’s Hindi newspapers during the Indian freedom struggle against the British Crown". Before joining Nirbhik India, Navneet spent five years at Adarsh Jeevan and gained valuable field experience at Amar Ujala Gorakhpur as training reporter only for 5 days. ---------------------------------------------------------------------------------- नवनीत मिश्रा वर्तमान में 'निर्भीक इंडिया' मीडिया समूह से जुड़े हैं। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। पत्रकारिता के अपने 6 वर्षों के सफर में उन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों डेस्क पर काम किया है। उनके शोध का विषय ब्रिटिश शासन के खिलाफ गोरखपुर के अखबारों का योगदान रहा है, जो उनकी ऐतिहासिक समझ को दर्शाता है। वे राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मामलों (Geopolitics) पर निरंतर लिखते रहे हैं। 'आदर्श जीवन' दैनिक में 5 साल का कार्यकाल और 'अमर उजाला' गोरखपुर में ट्रेनिंग रिपोर्टिंग के तौर पर मात्र 5 दिन काम क्या है उनकी लेखनी को और भी निखारता है।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Discover more from NIRBHIK INDIA

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading