Gorakhpur Chain Snatching News : शातिर लुटेरा गिरफ्तार!
Gorakhpur Chain Snatching News से जुड़ी एक बड़ी और राहत देने वाली अपडेट सामने आई है। महानगर में सुबह टहलने निकली महिलाओं के गले से चेन झपटने वाले गिरोह पर बड़ी नकेल कसते हुए चिलुआताल पुलिस ने एक बेहद शातिर लुटेरे को गिरफ्तार किया है।

बीते 17 सितंबर को हुई सरेआम छिनैती की वारदात का खुलासा करते हुए पुलिस ने आरोपी के पास से लूटी गई चेन बेचकर मिले नकद रुपये और एक चोरी की मोटरसाइकिल सकुशल बरामद की है। यह त्वरित कार्रवाई पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) और क्षेत्राधिकारी (कैंपियरगंज) के सख्त पर्यवेक्षण में की गई है। इस गिरफ्तारी से इलाके के नागरिकों, विशेषकर महिलाओं ने सुरक्षा के प्रति राहत की सांस ली है।
Gorakhpur Chain Snatching News: कैसे हुई थी लूट की वारदात?
दर्ज मुकदमे (मु.अ.सं. 751/26) और पुलिस विवेचना के अनुसार, बीते 17 सितंबर 2026 की सुबह यह सनसनीखेज घटना घटी थी। वादिनी (पीड़ित महिला) जब सुबह के समय टहलने निकली थी, तभी पीछे से आए नीले रंग की अपाचे बाइक सवार बदमाशों ने झपट्टा मारकर उनके गले से पीली धातु (सोने) की चेन छीन ली और पलक झपकते ही मौके से फरार हो गए। अचानक हुई इस वारदात से पीड़िता बुरी तरह सहम गई थीं।
पीड़िता की तहरीर पर चिलुआताल पुलिस ने अज्ञात लुटेरों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज किया। थानाध्यक्ष सूरज सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास के रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। सर्विलांस और मुखबिरों की सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने बाइक का नंबर ट्रेस किया और इस वारदात के मुख्य आरोपी को धर दबोचा।
Gorakhpur Chain Snatching News: 11 मुकदमों वाला पेशेवर अपराधी है अलाउद्दीन
चिलुआताल पुलिस के हत्थे चढ़े इस अपराधी की पहचान अलाउद्दीन उर्फ आयुष (पुत्र स्व. कुर्बान अली उर्फ नागा) के रूप में हुई है। यह मूल रूप से गोरखपुर के झंगहा थाने के अंतर्गत आने वाले ग्राम भिसवा का निवासी है। पुलिस तफ्तीश में पता चला कि यह कोई आम चोर नहीं, बल्कि एक पेशेवर और आदतन हिस्ट्रीशीटर है।
इसके आपराधिक रिकॉर्ड (Criminal History) पर नजर डालें तो इस पर गोरखपुर के कैंट, चौरीचौरा और खोराबार थानों में कुल 11 संगीन मुकदमे दर्ज हैं:
- वर्ष 2022 और 2023 में इस पर चोरी (धारा 379) और लूट (धारा 392) के कई केस दर्ज हुए।
- धोखाधड़ी और दस्तावेजों की कूटरचना (धारा 420, 467, 468) के तहत भी इस पर मामले चल रहे हैं।
- अपराध की निरंतरता और गंभीरता को देखते हुए वर्ष 2025 में इस पर ‘यूपी गैंगेस्टर एक्ट’ (UP Gangster Act) के तहत भी सख्त कार्रवाई हो चुकी है।
Gorakhpur Chain Snatching News में रिकवरी और BNS की धाराएं
गिरफ्तार किए गए इस शातिर लुटेरे की जब पुलिस ने सघन तलाशी ली, तो उसके पास से 14,300 रुपये नकद बरामद हुए। कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि यह रकम उसी लूटी गई सोने की चेन को बेचने से प्राप्त हुई थी। इसके अतिरिक्त, आरोपी के पास से एक चोरी की मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है, जिसका इस्तेमाल वह लूट और रेकी की घटनाओं को अंजाम देने के लिए करता था।
बरामदगी के आधार पर, चिलुआताल पुलिस ने दर्ज मुकदमे में नए कानून ‘भारतीय न्याय संहिता’ (BNS) की धाराओं की विधिक बढ़ोत्तरी की है। अब इस पर धारा 304(2), 317(2) और 61(2) बीएनएस के तहत कठोर कार्रवाई की जा रही है।
गिरफ्तारी सुनिश्चित करने वाली पुलिस टीम
इस बहुचर्चित वारदात का त्वरित खुलासा करने में चिलुआताल पुलिस टीम का ग्राउंड वर्क और सीसीटीवी सर्विलांस बेहतरीन रहा। इस ऑपरेशन में शामिल जांबाज पुलिसकर्मी निम्नवत हैं:
- थानाध्यक्ष: सूरज सिंह
- उप-निरीक्षक (उ.नि.): विनय सिंह, विपिन कुमार यादव, सच्चिदानन्द पाण्डेय, आकाश जायसवाल और आलोक चौबे
- कांस्टेबल (का.): अनिल यादव
- रिक्रूट कांस्टेबल (रि.का.): अभिषेक सिंह और मनीष मिश्रा
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी का विधिक चालान कर उसे सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इसके फरार साथी और लूटी गई चेन को औने-पौने दाम पर खरीदने वाले सुनार की भी सरगर्मी से तलाश कर रही है, ताकि इस पूरे नेक्सस को खत्म किया जा सके।

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Navneet Mishra is a seasoned journalist currently associated with Nirbhik India and its digital portal, nirbhikindia.in. With over six years of experience across print and digital platforms, Navneet specializes in politics, sports, economics, and geopolitics.
A Master’s graduate in Mass Communication from Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University, he is also a dedicated media scholar. His academic research focuses on “the pivotal role of Gorakhpur’s Hindi newspapers during the Indian freedom struggle against the British Crown”. Before joining Nirbhik India, Navneet spent five years at Adarsh Jeevan and gained valuable field experience at Amar Ujala Gorakhpur as training reporter only for 5 days.
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नवनीत मिश्रा वर्तमान में ‘निर्भीक इंडिया’ मीडिया समूह से जुड़े हैं। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। पत्रकारिता के अपने 6 वर्षों के सफर में उन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों डेस्क पर काम किया है। उनके शोध का विषय ब्रिटिश शासन के खिलाफ गोरखपुर के अखबारों का योगदान रहा है, जो उनकी ऐतिहासिक समझ को दर्शाता है। वे राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मामलों (Geopolitics) पर निरंतर लिखते रहे हैं। ‘आदर्श जीवन’ दैनिक में 5 साल का कार्यकाल और ‘अमर उजाला’ गोरखपुर में ट्रेनिंग रिपोर्टिंग के तौर पर मात्र 5 दिन काम क्या है उनकी लेखनी को और भी निखारता है।

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