MPU Career Counseling: छात्रों को मिला सक्सेस मंत्र!
MPU Career Counseling से अब युवाओं के करियर की राह बेहद आसान और स्पष्ट होने वाली है। बलरामपुर और इसके आस-पास के क्षेत्रों से उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्र-छात्राओं के लिए मंगलवार का दिन बेहद खास और ऊर्जावान रहा। मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय (एमपीयू), बलरामपुर में वर्तमान में चल रहे महाअभियान ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत मंगलवार को एक विशेष सत्र का भव्य आयोजन किया गया।

विश्वविद्यालय के अकादमिक ब्लॉक के एलटी-3 (LT-3) सभागार में आयोजित इस शानदार MPU Career Counseling कार्यक्रम का मुख्य विषय अत्यंत समसामयिक ‘करियर काउंसलिंग विकसित भारत 2047’ रखा गया था। इस के जरिए सैकड़ों छात्र-छात्राओं को रोजगार के बदलते स्वरूप, नई तकनीकी चुनौतियों और भविष्य की असीम संभावनाओं से रूबरू कराया गया।
MPU Career Counseling से ‘विकसित भारत 2047’ का विजन
विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. रवि शंकर सिंह के कुशल मार्गदर्शन और दूरदर्शी सोच के तहत आयोजित इस MPU Career Counseling ने छात्रों के भीतर एक नई उम्मीद और ऊर्जा का संचार किया है। प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत 2047’ (Viksit Bharat 2047) के विजन को धरातल पर उतारने के लिए देश के युवाओं का बौद्धिक और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होना सबसे अधिक जरूरी है। इसी बड़े राष्ट्रीय उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए इस का पूरा खाका तैयार किया गया था।
विशेषज्ञों ने मंच से संबोधित करते हुए बताया कि आज के तेजी से बदलते कॉर्पोरेट, प्राइवेट और सरकारी जॉब मार्केट में सफल होने के लिए सिर्फ किताबी ज्ञान से काम नहीं चलने वाला है। इस MPU Career Counseling सत्र के दौरान वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि डिग्री के साथ-साथ तकनीकी और व्यावहारिक कौशलों (Practical Skills) का होना नितांत आवश्यक है।
छात्रों को यह बारीकी से समझाया गया कि समय रहते ली गई एक बेहतरीन Counseling कैसे उनके भटके हुए लक्ष्यों को एक सही और सटीक दिशा दे सकती है, जिससे वे भीड़ से अलग अपनी पहचान बना सकें।
MPU Career Counseling में सीखे रिज्यूमे और कम्युनिकेशन के गुर
अकादमिक ब्लॉक के सभागार में आयोजित इस विस्तृत MPU Career Counseling में विद्यार्थियों को नौकरी पाने की बारीकियों के बारे में गहराई से प्रशिक्षित किया गया। इस Counseling का सबसे आकर्षक और ज्ञानवर्धक हिस्सा ‘जॉब स्टडी’ (Job Study) और ‘रिज्यूमे निर्माण’ (Resume Building) रहा। विशेषज्ञों ने छात्रों को बताया कि किसी भी कंपनी के एचआर (HR) के सामने आपका रिज्यूमे ही आपका पहला इम्प्रेशन होता है; यदि वह आकर्षक नहीं है, तो आपकी डिग्री पीछे छूट जाती है।
इसके अलावा, इस महत्वपूर्ण MPU Career Counseling में आईडीएसए (IDSA) और कम्युनिकेशन स्किल्स (Communication Skills) जैसे अति-महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने मंच से कहा कि वर्तमान के इस गलाकाट प्रतिस्पर्धी दौर में केवल उच्च शैक्षणिक योग्यता (Academic Qualification) ही नौकरी की गारंटी नहीं है।
इस MPU Career Counseling में संचार कौशल, प्रभावी प्रस्तुतीकरण क्षमता (Presentation Skills), बॉडी लैंग्वेज और व्यावहारिक दक्षताओं के त्वरित विकास पर सबसे अधिक जोर दिया गया।
MPU Career Counseling कमेटी के विशेषज्ञों ने दिया मार्गदर्शन
इस अत्यंत सफल और सुव्यवस्थित आयोजन के पीछे विश्वविद्यालय की एक समर्पित टीम का बड़ा हाथ रहा। विश्वविद्यालय की MPU Career Counseling कमेटी के वरिष्ठ सदस्यों एवं अनुभवी शिक्षकों ने विद्यार्थियों को रोजगार के नए और उभरते अवसरों के बारे में जागरूक किया। करियर निर्माण से जुड़े विभिन्न मनोवैज्ञानिक और व्यावहारिक पहलुओं पर इस MPU Career Counseling के दौरान खुलकर चर्चा की गई, जिससे छात्रों का डर और संकोच दूर हुआ।
कमेटी के प्रमुख सदस्यों में सुश्री सोनल पाण्डेय, आकृति विज्ञा, डॉ. प्रेरणा त्रिपाठी, डॉ. वरुण कुमार सिंह और रोहित साहू शामिल रहे, जिन्होंने अलग-अलग सत्रों में छात्रों का व्यक्तिगत रूप से मार्गदर्शन किया। इस MPU Career Counseling कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों (कला, विज्ञान, वाणिज्य आदि) से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ सहभागिता की।
सत्र के अंत में एक ओपन प्रश्नोत्तरी (Q&A Session) भी हुई, जहां विद्यार्थियों ने अपने करियर, प्लेसमेंट और इंटर्नशिप से जुड़े कई जटिल प्रश्न पूछे और MPU Career Counseling विशेषज्ञों से उनका सटीक और व्यावहारिक समाधान प्राप्त किया।
आत्मनिर्भरता की ओर कदम: आगे भी होगी MPU Career Counseling
अक्सर छात्र और अभिभावक इंटरनेट पर सर्च करते हैं कि विश्वविद्यालय स्तर पर डिग्री के साथ प्लेसमेंट और करियर के लिए क्या अतिरिक्त सुविधाएं दी जाती हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह MPU Career Counseling कोई एक दिन का या प्रतीकात्मक आयोजन नहीं है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत विद्यार्थियों को पूरी तरह से कौशलयुक्त, रोजगारपरक और आत्मनिर्भर बनाने के दृढ़ संकल्प के साथ आगे भी इस तरह की MPU Career Counseling लगातार आयोजित की जाती रहेगी।
आगामी महीनों में छात्रों के लिए मॉक इंटरव्यू (Mock Interviews), एप्टीट्यूड टेस्ट और विषय-विशेषज्ञों द्वारा विशेष MPU Career Counseling वर्कशॉप की भी रूपरेखा तैयार की जा रही है। इसका मुख्य लक्ष्य यह है कि जब भी विद्यार्थी अपनी डिग्री पूरी कर विश्वविद्यालय के द्वार से बाहर निकलें, तो वे इंडस्ट्री (Industry-ready) के लिए पूरी तरह से तैयार हों।
यह विस्तृत और नियोजित MPU Career Counseling मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय के शैक्षणिक इतिहास में छात्रों के सुनहरे भविष्य की मजबूत नींव रखने वाला एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम साबित हो रहा है।

निर्भीक इंडिया (NIRBHIK INDIA) एक समाचार पत्र नही अपितु 245 साल से भी लम्बे समय से चल रहे पत्रकारिता की विचारधारा है, जो हमेशा लोकतंत्र के चारो स्तम्भ को मान्यता देने एवं जनता सर्वोपरि की विचारों का प्रतिनिधित्वकत्र्ता है। आप सभी हमारे साथ जुड़े अपने तन, मन व धन से हमें ताकत दें जिससे कि हम आप (जनता) के लिए आप (जनता) के द्वारा, आप (जनता) के आदेशों पर केन्द्र से सवाल करते हुए एक पूर्ण लोकतंत्र बना सकें।

निर्भीक इंडिया केवल एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि पत्रकारिता के उन मूल्यों का पुनर्जन्म है जो सदियों पुराने हैं। भारत के समाचार पत्रों के पंजीयक (RNI) द्वारा पंजीकृत, हमारे सफर की औपचारिक शुरुआत जून 2023 में हुई। तकनीकी रूप से हम अभी नए हैं, लेकिन हमारी वैचारिक जड़ें अत्यंत गहरी और समृद्ध हैं।
हम उस पत्रकारिता की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं जिसका लिखित इतिहास 244 साल पुराना है। हम उस निर्भीकता का प्रतिनिधित्व करते हैं जिसने राजा राममोहन राय जैसे समाज सुधारकों के माध्यम से सती प्रथा और बाल विवाह जैसी कुरीतियों को जड़ से उखाड़ने में बड़ी भूमिका निभाई। हमारा उद्देश्य आज के दौर में उसी स्पष्टवादिता और साहस को जीवित रखना है। हम सिर्फ खबरें नहीं पहुँचाते, बल्कि समाज के सामने सच का आईना रखते हैं।
आइए, निर्भीक पत्रकारिता के इस अभियान में हमारे साथ जुड़ें और एक जागरूक भारत के निर्माण में सहभागी बनें।
———————————————————————————————————————–
Nirbhik India is a registered newspaper with the Registrar of Newspapers for India (RNI), officially embarking on its journey in June 2023. While we may be “young” in terms of our registration date, the spirit of journalism we represent is centuries old.
We carry forward a 244-year-old legacy of fearless reporting—a tradition that empowered visionaries like Raja Ram Mohan Roy to challenge deep-rooted social evils like Sati and child marriage. Even as a new entrant in the digital and print space, our commitment remains rooted in that same historic courage.
We don’t just report the news; we uphold the truth without fear or favor. Join us in this mission to revive authentic journalism. Be a part of our journey as we strive to keep the flame of truth burning bright in modern India.
Connect with us and support the voice of integrity.

Leave a Reply