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Water Motor Theft गिरफ्तार, घर से मोटर चोरी करता था आरोपी

गोरखपुर: महानगर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में Water Motor Theft (पानी का मोटर चोरी) जैसी घटनाएं आम लोगों के लिए एक बड़ी परेशानी का सबब बन जाती हैं। औद्योगिक क्षेत्र गीडा (GIDA) में लगातार सामने आ रहे ऐसे ही एक Water Motor Theft के मामले में स्थानीय पुलिस ने त्वरित और सख्त कार्रवाई की है।

कैसे हुई Water Motor Theft की यह पूरी वारदात?
Water Motor Theft गिरफ्तार, घर से उड़ाते थे पानी का मोटर

क्षेत्राधिकारी गीडा के कड़े पर्यवेक्षण और प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इलाके में रेकी कर घरों से मोटर चुराने वाले एक बेहद शातिर चोर को धर दबोचा है। पुलिस ने इस Water Motor Theft के आरोपी के कब्जे से चुराई गई पानी की मोटर और नकद रुपये भी सकुशल बरामद कर लिए हैं। इस गिरफ्तारी से इलाके के लोगों ने बड़ी राहत की सांस ली है।

कैसे हुई Water Motor Theft की यह पूरी वारदात?

गीडा थाने में दर्ज कराई गई आधिकारिक एफआईआर (FIR) और पुलिस विवेचना के अनुसार, यह Water Motor Theft की घटना बीते 24 सितंबर 2026 को घटित हुई थी। वादी (मकान मालिक) के घर के बाहर/परिसर में लगे पानी के मोटर को आरोपी ने मौका पाकर बड़ी ही चालाकी से खोल लिया और वहां से फरार हो गया।

सुबह जब वादी को अपनी मोटर गायब मिली, तो उसने तत्काल गीडा थाने में इसकी लिखित तहरीर दी। पुलिस ने आम जनता की इस रोजमर्रा की समस्या और Water Motor Theft की गंभीरता को समझते हुए तुरंत भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मुकदमा (मु.अ.सं. 474/2026) पंजीकृत कर लिया और अज्ञात चोर की तलाश के लिए मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर दिया।

कौन है Water Motor Theft का यह मास्टरमाइंड?

सघन चेकिंग और सर्विलांस की मदद से गीडा पुलिस ने जल्द ही इस Water Motor Theft के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए शातिर चोर की पहचान जितेन्द्र कुमार (पुत्र भोज प्रसाद) के रूप में हुई है।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, जितेन्द्र मूल रूप से पड़ोसी जनपद कुशीनगर के कप्तानगंज थाने के अंतर्गत आने वाले ग्राम मलुकही का निवासी है। वर्तमान में यह शातिर चोर गीडा थाना क्षेत्र के ग्राम बांसपार में हर्ष पाण्डेय के मकान में किरायेदार बनकर रह रहा था। किराये के इसी कमरे से वह आसपास के इलाकों की रेकी करता था और मौका मिलते ही Water Motor Theft जैसी घटनाओं को अंजाम देकर माल बेच देता था।

Water Motor Theft में हुई रिकवरी और BNS की सख्त धाराएं

गिरफ्तार किए गए अभियुक्त जितेन्द्र कुमार की जब सघन तलाशी ली गई और उससे पूछताछ की गई, तो पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी। पुलिस ने इस Water Motor Theft के मामले में चुराई गई 01 अदद पानी की मोटर और उसे बेचने/अन्य अपराध से कमाए गए 2,100 रुपये नकद बरामद कर लिए हैं।

चोरी की संपत्ति (मोटर) की बरामदगी होने के बाद, पुलिस ने दर्ज मुकदमे में तत्काल धारा 317(2) बीएनएस (चुराई गई संपत्ति को बेईमानी से प्राप्त करना या छिपाना) की विधिक बढ़ोत्तरी कर दी है।

आरोपी का आपराधिक इतिहास (Criminal Record): इस शातिर चोर पर गीडा थाने में पहले से ही चोरी और सेंधमारी के मामले दर्ज हैं:

  1. मु.अ.सं. 474/2026 धारा 303(2), 117(2) और 317(2) बीएनएस (वर्तमान Water Motor Theft मामला)।
  2. मु.अ.सं. 412/2026 धारा 305(a), 317(2) बीएनएस (दुकान/मकान में चोरी)।

इन धाराओं से स्पष्ट है कि यह आरोपी आदतन अपराधी है और नए कानून (BNS) के तहत अब इसे अदालत से आसानी से जमानत नहीं मिल सकेगी।

Water Motor Theft का सफल खुलासा करने वाली गीडा पुलिस टीम

गीडा जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने और इस Water Motor Theft का त्वरित पर्दाफाश कर चोर को सलाखों के पीछे भेजने में गीडा पुलिस की टीम का शानदार समन्वय देखने को मिला। गिरफ्तारी और रिकवरी करने वाली इस पुलिस टीम में निम्नलिखित जांबाज शामिल रहे:

  • प्रभारी निरीक्षक: अश्वनी पाण्डेय (थाना गीडा)
  • उप-निरीक्षक (उ.नि.): हरिशंकर यादव (थाना गीडा)
  • कांस्टेबल (का.): बृजेश यादव (थाना गीडा)
  • रिक्रूट आरक्षी (रि.का.): आकाश यादव और अखण्ड प्रताप सिंह (थाना गीडा)

पुलिस ने गिरफ्तार किए गए Water Motor Theft के इस आरोपी का विधिक चालान कर दिया है। उसे मेडिकल परीक्षण के बाद सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है, जहां से अग्रिम विधिक कार्यवाही करते हुए उसे न्यायिक अभिरक्षा (जेल) में भेज दिया जाएगा। गीडा पुलिस ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों के बाहर लगे पानी के मोटर और अन्य कीमती सामानों को लोहे के जाल या मजबूत तालों से सुरक्षित रखें।

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Navneet Mishra

Navneet Mishra is a seasoned journalist currently associated with Nirbhik India and its digital portal, nirbhikindia.in. With over six years of experience across print and digital platforms, Navneet specializes in politics, sports, economics, and geopolitics.
A Master’s graduate in Mass Communication from Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University, he is also a dedicated media scholar. His academic research focuses on “the pivotal role of Gorakhpur’s Hindi newspapers during the Indian freedom struggle against the British Crown”. Before joining Nirbhik India, Navneet spent five years at Adarsh Jeevan and gained valuable field experience at Amar Ujala Gorakhpur as training reporter only for 5 days.
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नवनीत मिश्रा वर्तमान में ‘निर्भीक इंडिया’ मीडिया समूह से जुड़े हैं। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। पत्रकारिता के अपने 6 वर्षों के सफर में उन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों डेस्क पर काम किया है। उनके शोध का विषय ब्रिटिश शासन के खिलाफ गोरखपुर के अखबारों का योगदान रहा है, जो उनकी ऐतिहासिक समझ को दर्शाता है। वे राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मामलों (Geopolitics) पर निरंतर लिखते रहे हैं। ‘आदर्श जीवन’ दैनिक में 5 साल का कार्यकाल और ‘अमर उजाला’ गोरखपुर में ट्रेनिंग रिपोर्टिंग के तौर पर मात्र 5 दिन काम क्या है उनकी लेखनी को और भी निखारता है।

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